चीन से तनाव के बीच 27 अक्टूबर को भारत और अमेरिका की अहम बैठक, इन 4 मुद्दों पर होगी चर्चा

भारत, अमेरिका के साथ 2+2 मंत्रि स्तरीय वार्ता के तीसरे संस्करण की मेजबानी करेगा
अपडेटेड Oct 25, 2020 पर 14:24  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन से जारी तनाव के बीच अमेरिका और भारत के बीच महत्‍वपूर्ण मंत्री स्तरीय बैठक होने जा रही है। भारत और अमेरिका के बीच तीसरी 2+2 वार्ता (Two-Plus-Two Talks) 26-27 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होगा। भारत, अमेरिका के साथ 2+2 मंत्रि स्तरीय वार्ता के तीसरे संस्करण की मेजबानी करेगा।  सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो (Michael Pompeo) और रक्षा सचिव मार्क टी एस्पर (Mark T Esper) वार्ता के लिए 26 और 27 अक्टूबर को भारत का दौरा करेंगे।


राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने कहा है कि नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच होने वाली टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता में विश्व के दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच वैश्विक सहयोग की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आगे उठाए जाने वाले कदमों का खाका तैयार किया जाएगा। अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है और यह चुनाव से पहले ट्रंप सरकार की आखिरी सबसे बड़ी राजनयिक वार्ता होगी। इस दो दिवसीय वार्ता में भारत और अमेरिका के शीर्ष चार कैबिनेट मंत्री भाग लेंगे।


इन 4 मुद्दों पर हो सकती है चर्चा


इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों की आगामी चार साल के लिए आधारशिला रखे जाने की संभावना है, भले ही चुनाव कोई भी जीते। अमेरिका के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका में द्विदलीय समर्थन है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने वाशिंगटन डीसी में फॉरेन प्रेस सेंटर द्वारा आयोजित कांफ्रेंस कॉल के दौरान पत्रकारों से कहा कि इस टू प्लस टू वार्ता में अमेरिका और भारत के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी की दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आगामी कदमों का खाका तैयार किया जाएगा।


इस साल वार्ता में चार बड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना हैं। ये मुद्दे हैं- हिंद प्रशांत में जन स्वास्थ्य के मामले में सहयोग एवं काम समेत वैश्विक सहयोग, ऊर्जा एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग समेत आर्थिक सहयोग, लोगों के बीच आपसी संबंध और रक्षा संबंध। अधिकारी ने कहा कि भारत और अमेरिका अर्थव्यवस्था और द्विपक्षीय व्यापार को पटरी पर लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त सहयोग (यूआईडीएफसी) ने भारत में निवेश परियोजनाओं में 50 करोड़ डॉलर की सहायता मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है और हाल में मुंबई में एक प्रबंध निदेशक को नियुक्त किया है, जो भारत और क्षेत्र में निवेश को विस्तार देने में मदद करेगा।


अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस का वैक्सीन विकसित करने के संयुक्त प्रयास उल्लेखनीय प्रगति के साथ जारी है। उन्होंने बताया कि छह से अधिक अमेरिकी कंपनियां और संस्थान सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जैसे भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर वैक्सीन खोजने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि वैश्विक सहयोग में उच्च स्तरीय वार्ता भी शामिल है।


उन्होंने कहा कि हिमालय से लेकर दक्षिण चीन सागर तक हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते आक्रामक व्यवहार के कारण हमारे लिए समान सोच रखने वाले भारत जैसे साझेदारों के साथ मिलकर काम करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। वार्ता में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) करेंगे।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।