इंडियन इकोनॉमी की V शेप रिकवरी में V का मतलब Vaccine, अर्थव्यवस्था पॉजिटिव ग्रोथ से सिर्फ चंद कदम दूर: RBI

इंडियन इकोनॉमी में हो रही V शेप रिकवरी का उल्लेख करते हुए RBI ने कहा कि V शेप रिकवरी में V का मतलब Vaccine है
अपडेटेड Jan 22, 2021 पर 09:25  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय अर्थव्यवस्था पॉजिटिव ग्रोथ से सिर्फ चंद कदम दूर है, यह दावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की गुरुवार को जारी बुलेटिन में किया गया है। इंडियन इकोनॉमी में हो रही V शेप रिकवरी का उल्लेख करते हुए RBI ने कहा कि V शेप रिकवरी में V का मतलब Vaccine है। आपको बता दें कि V शेप रिकवरी में ग्रोथ जितनी तेजी से घटती है उतनी ही तेजी से बढ़ती है। RBI ने जनवरी के अपने स्टेट ऑफ इकोनॉमी (state of economy) आर्टिकल में कहा कि भारत ने विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू किया है, जो भारत की मेडिसिन क्षेत्र में उत्पादन क्षमता को दर्शाता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को पोलियो और चेचक (measles) का सफलतापूर्वक टीकाकरण अभियान चलाने का अनुभव है।

RBI ने कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक लैंडस्केप में आए हालिया बदलाव के कारण अर्थव्यवस्था का आउटलुक और ब्राइट हुआ है और महंगाई दर कम होने से GDP में पॉजिटिव ग्रोथ आने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इस आर्टिकल में कहा गया है कि अगर यह मोमेंटम बरकरार रहता है तो इकोनॉमिक रिकवरी को और सपोर्ट मिलेगा। इस रिपोर्ट को लिखने वालों में शामिल RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने कहा कि अगर यह वैक्सीनेशन ड्राइव सफल होती है तो इससे अर्थव्यवस्था में पॉजिटिव ग्रोथ देखनो को मिलेगी।

असंतोष का समय बीत चुका, अब केवल अच्छा ही होगा

इस आर्टिकल में मशहूर नाटककरा विलियम शेक्सपीयर को कोट करते हुआ लिखा गया, Winter of discontent will be made glorious summer. यानी असंतोष और दुख का समय बीत चुका है और अब केवल अच्छा ही होने वाला है। यानी कोरोना से उपजे असंतोष को इसकी वैक्सीन ने सुखद अनुभव में बदल दिया है। इस आर्टिकल में अनुमान लगाया गया कि FY2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.7% की गिरावट आ सकती है, लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में यह ग्रेथ स्टेटिस्टिकल सपोर्ट के कारण आएगा जो मुख्यतः कंजम्पशन पर आधारित होगा। इसमें कहा गया है कि इस साल रबी फसलों की बंपर पैदावार होगी।

महामारी की इस आपदा को अवसर में बदलने की क्षमता

RBI ने स्टेट ऑफ इकोनॉमी आर्टिकल में कहा है कि बैंकों का NPA कम हो रहा है और लोन रिकवरी में भी सुधार हुआ है। इसमें कहा गया है कि कैपिटल इंफ्यूजन और बकाया लोन को हैंडल करने के इनोवेटिव तरीकों से देश की अर्थव्यवस्था तरक्की और ग्रोथ की और लौटेगी। हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि कोरोना वायरस के प्रभाव से पूरी तरह निकलने और इस महामारी से अर्थव्यवस्था को लगे जख्मों को भरने में अभी समय लगेगा। लेकिन इनोवेटिव तरीका अपनाकर महामारी की इस आपदा को अवसर में बदला जा सकता है।

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