प्रियंका गांधी से मिले कफील खान, डॉक्टर ने CM योगी की संयुक्त राष्ट्र में की शिकायत

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कफील खान से मुलाकात की
अपडेटेड Sep 22, 2020 पर 11:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के डॉक्टर कफील खान (Kafeel Khan) ने योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया है। कफील खान को हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत लगे आरोपों के बाद जेल से रिहा किया गया है और फिलहाल वह राजस्थान के जयपुर में रह रहे हैं। खान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग यानी United Nations Human Rights Commission (UNHRC) को एक पत्र लिखकर भारत में अंतर्राष्ट्रीय मानव सुरक्षा मानकों के व्यापक उल्लंघन और असहमति की आवाज को दबाने के लिए National Security Act (NSA) और Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) जैसे सख्त कानूनों के दुरुपयोग किए जाने की बात कही है।


इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने सोमवार को कफील खान से मुलाकात की। इस दौरान कफील की पत्नी भी साथ में थीं। डॉक्टर खान को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत काफी गर्म हो गया है। रासुका के तहत कफील खान जेल में थे और जमानत पर बाहर आए हैं। जमानत पर छूटे डॉ. कफील खान ने नई दिल्ली में सपरिवार प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की और उनको उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) में शिकायत करने की जानकारी दी।


अपने पत्र में कफील खान ने UN को शांतिपूर्ण तरीके से CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए भारत सरकार से आग्रह करने के मसले पर धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि सरकार ने उनकी अपील नहीं सुनी। खान ने लिखा है कि मानवाधिकार के रक्षकों के खिलाफ पुलिस शक्तियों का उपयोग करते हुए आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे भारत का गरीब और हाशिए पर रहने वाला समुदाय प्रभावित होगा।


बता दें कि 26 जून को संयुक्त राष्ट्र के निकाय ने कफील खान और शर्जील इमाम समेत अन्य लोगों पर लगाए गए 11 मामलों का उल्लेख करते हुए भारत सरकार को लिखा था कि मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर आरोप, जिनमें से कई गिरफ्तारी के दौरान यातना और दुर्व्यवहार करने के हैं। जेल में बिताए दिनों के बारे में डॉक्टर ने लिखा है कि मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और कई दिनों तक भोजन-पानी से भी वंचित रखा गया और क्षमता से अधिक कैदियों वाली मथुरा जेल में 7 महीने की कैद के दौरान मुझसे अमानवीय व्यवहार किया गया। सौभाग्य से, हाई कोर्ट ने मुझ पर लगाए गए एनएसए और 3 एक्सटेंशन को खारिज कर दिया।


इसके अलावा खान ने अपने पत्र में 10 अगस्त, 2017 को गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई बच्चों की जान जाने के मामले का भी उल्लेख किया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 25 अप्रैल, 2018 के अपने आदेश में कहा था कि उसके खिलाफ चिकित्सा लापरवाही का कोई सबूत नहीं मिला और वह ऑक्सीजन की टेंडर प्रक्रिया में भी शामिल नहीं था। हालांकि खान अपनी नौकरी से अब भी निलंबित हैं।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।