कश्मीरी चाहते हैं भारत के बजाय चीन उनपर शासन करें, फारूक अब्दुल्ला का दावा

फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना संविधान के खिलाफ है
अपडेटेड Sep 25, 2020 पर 07:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को बहाल करने की मांग के बाद पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने दावा किया कि कश्मीर के लोग खुद को भारतीय नहीं मानते हैं। लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि न ही कश्मीर खुद को भारतीय मानते हैं और न ही भारतीय होना चाहते हैं। इसके बदले वे चाहते हैं कि चीन उन पर शासन करें।


अब्दुल्ला ने द वायर को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि कश्मीरी लोगों को दूसरे दर्जे के नागरिकों की तरह व्यवहार किया जा रहा था। उन्होंने जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को फिर से बहाल करने की मांग उठाई है। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा (Special Status) को खत्म कर दिया था। घाटी में आर्टिकल 370 हटाए जाने से वहां का विकास रुक गया है। कश्मीर में उचित शिक्षा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और उद्योगों की ग्रोथ थम गई है। 


सत्तारूढ पार्टी ने BJP  ने दावा किया था कि कश्मीरी लोगों ने बदलाव को स्वीकार कर लिया है। ऐसे में अब्दुल्ला से जब पूछा गया कि क्या कश्मीर के लोगों ने अगस्त 2019 के बदलावों को स्वीकार कर लिया है, क्योंकि वहां कोई विरोध नहीं हुआ। इस बात को अब्दुल्ला ने सिरे खारिज कर दिया।


नेशनल कॉन्फ्रेन्स के मुखिया ने कहा कि जब हर सड़क पर सैनिक हों और धारा 144 लागू हो । ऐसे में कौन विरोध करने सामने आएगा। अगर ये सब हटा देते तो दसियों लाख लोग विरोध करने के लिए सड़क पर उतर आते। अब्दुल्ला ने कहा कि यह वहां के लोगों का मूड है क्योंकि कश्मीरियों को सरकार पर कोई भरोसा नहीं रह गया है। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि कश्मीर में संवैधानिक घोषणा करने से पहले पीएम मोदी ने उन्हें गुमराह और धोखा दिया था। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के 72 घंटे पहले घाटी में इतने सारे सैनिक थे, मैंने पूछा ऐसा क्यों है। इस पर पीएम मोदी ने उन्हें कहा था कि घाटी की सुरक्षा के मकसद से ऐसा किया गया है । इससे पहले आर्टिकल 370 हटाने के बाद एक मीडिया इंटरव्यू में अब्दुल्ला ने कहा था कि उनकी पार्टी सभी लोकतांत्रिक माध्यमों से बदलावों का मुकाबला करती रहेगी। 


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।