वाहन उद्योग को कर्ज उपलब्ध कराने में निजी और विदेशी बैंकों की अग्रणी भूमिका

सबसे अधिक 41.4 प्रतिशत कर्ज निजी बैंक और उसके बाद 24.4 प्रतिशत कर्ज विदेशी बैंकों की ओर से दिया गया है
अपडेटेड Jan 21, 2021 पर 09:23  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश की निजी सेक्टर की बैंक और विदेशी बैंकों की ओर से वाहन उद्योग के कर्ज विषयक जरूरतों की पूर्ति में दो-तिहाई हिस्सेदारी निभाई जा रही है। मंगलवार को एक रिपोर्ट में ये बात सामने निकलकर आई है।


कोरोना का कहर शुरू होने के पहले से ही देश में वाहन उद्योग पर गिरी हुई इकोनॉमी का असर दिखाई दे रहा था। वाहन उद्योग के लिए अत्यंत खराब अवधि के दौरान जून 2020 तक उपलब्ध विवरण के आधार पर इस रिपोर्ट का निष्कर्ष निकाला गया है। लोकसत्ता में छपी खबर के मुताबिक बैंकों के बारे में लेखा-जोखा रखने वाली क्रिफ हाय मार्क ने सिडबी के सहयोग से ये रिपोर्ट तैयार की है।


इस रिपोर्ट के अनुसार वाहन उद्योग के छोटे-मोटे कंपनियों द्वारा वितरित किये गये कर्ज का कुल मूल्य देखा जाये तो सबसे अधिक 41.4 प्रतिशत कर्ज निजी बैंक और उसके बाद 24.4 प्रतिशत कर्ज विदेशी बैंकों की ओर से दिया गया है।


वहीं देखा जाये तो सरकारी बैंकों की तरफ से वितरित कर्ज के लाभार्थी सबसे अधिक यानी 35 प्रतिशत हैं इसके बावजूद इन बैंकों की ओर से वितरित किये गये कर्ज का मूल्य तुलनात्मक रूप से सबसे कम यानी 19.6 प्रतिशत ही है।


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