खेती में इस्तेमाल नहीं होंगे ये 27 पेस्टिसाइड, सरकार ने लगाई रोक

सरकार ने अभी तक 27 ऐसी कीड़े मारने वाली दवाइयों की पहचान की है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाती है
अपडेटेड May 22, 2020 पर 13:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत एक कृषि प्रधान देश है। जहां की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर हैं। अन्न की अधिक उपज लेने के लिए कई ऐसी खाद या दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे उपज तो अधिक मिलती है, लेकिन वो उपज हमारे आपके शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक होती है। आज देश की खेती में खाद, नए बीज और दवाइयों का काफी प्रयोग हो रहा है। आमतौर पर अगर किसी फसल में कोई कीड़े लग जाते हैं। तो फसल को कीड़ों से बचाने के लिए दवाइयों का छिड़काव किया जाता है। लेकिन वो दवा जब फसलों में जाती है और फिर वो फसल जब हमारे आपके बीच खाने के लिए आती है, तब तक न जाने कितनी विषैली हो चुकी होती है, ये हमें आपको भी नहीं पता।


खाद और कीड़े मारने वाली दवाइयों के इस्तेमाल से जमीन की फसल पैदा करने की क्षमता भी प्रभावित हो रही है। लिहाजा जहरीली होती जमीन और फसलों में इस्तेमाल हने वाली दवाइयों पर अब केंद्र सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं।  


केंद्र सरकार ने अभी तक 27 ऐसी कीड़े मारने वाली दवाइयों की पहचान की है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाती है और हमें आपके लिए भी नुकसान दायक है। केंद्र सरकार ने जिन दवाइयों को इस्तेमाल पर रोक लगाई है, उन पर राज्य सरकारें भी अमल कर रही हैं। यानी राज्य सरकारों ने भी अपने यहां कई दवाइयों पर बैन लगा दिया है।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने जिन दवाइयों पर बैन लगाया है। हमने अपने राज्य में उन दवाइयों पर सख्ती से पाबंदी लगाई है।


केंद्र सरकार ने इन दवाइयों पर लगाई है रोक


ऐसफेट(Asphate), अल्ट्राजाईन (Ultrazine), बेनफराकारब (Benfaracarb), बुटाक्लोर (Butachlor), कैप्टन (Captain), कारबेडेंजिम (Carbendenzim), कार्बोफ्यूरान (Carbofuran), क्लोरप्यरिफॉस (Chlorpyrifos), 2.4-डी (2.4-D), डेल्टामेथ्रीन (Deltamethrin), डिकोफॉल (Dicofol), डिमेथोट (Dimethot), डाइनोकैप (Dinocap), डियूरॉन (Diuron), मालाथियॉन (Malathione), मैनकोजेब (Mancozeb), मिथोमिल (Mithomil), मोनोक्रोटोफॉस (Monocrotophos), ऑक्सीफ्लोरीन (oxyfluorine), पेंडिमेथलिन(pendimethalin), क्यूनलफॉस (qinalphos), सलफोसूलफूरोन (sulfosulphurone), थीओडीकर्ब (theodicarb), थायोफनेट मिथाइल (thiophanate methyl), थीरम (thiram), जीनेब (geneb) और जीरम (gyram) इन दवाइयों को केंद्र सरकार ने बैन कर दिया है।


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