लोन मोरटोरियम मामले में सुप्रीम कोर्ट 23 मार्च को सुनाएगा फैसला

कोरोनावायरस संक्रमण के कारण रिजर्व बैंक ने 6 महीने का मोरेटोरियम पीरियड लागू किया था
अपडेटेड Mar 23, 2021 पर 08:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सुप्रीम कोर्ट लोन मोरटोरियम पर 23 मार्च को अपना फैसला सुनाने वाला है। जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की एक बेंच यह फैसला सुनाने वाली है। सुप्रीम कोर्ट में पिछले साल कई याचिकाएं दायर की गई थीं ताकि लोन मोरटोरियम के दौरान इंटरेस्ट पर इंटरेस्ट लगने से राहत मिल सके।


कोरोनावायरस संक्रमण के कारण रिजर्व बैंक ने 6 महीने का मोरेटोरियम पीरियड लागू किया था। इस दौरान लोगों को EMI चुकाने से छूट दी गई थी। यानी इन 6 महीनों के दौरान जिन लोगों ने लोन की EMI नहीं चुकाई थी उसे डिफॉल्ट में नहीं डाला गया था। हालांकि बैंक इन 6 महीनों के ब्याज पर ब्याज वसूल रहे थे जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई थी।


RBI ने सबसे पहले 27 मार्च 2020 को लोन मोरटोरियम लागू किया था। इसके तहत 1 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक EMI चुकाने से राहत दी गई थी। हालांकि बाद में RBI ने इसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2020 कर दिया था।


RBI ने सितंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर करके कहा था कि लोन मोरटोरियम को 6 महीने से ज्यादा समय के लिए बढ़ाने पर इकोनॉमी पर बुरा असर होगा।


केंद्र सरकार ने भी इस मामले में अलग से एक हलफनामा जारी किया। सरकार ने कहा था कि मोरटोरियम के 6 महीनों के दौरान 2 करोड़ रुपए तक के लोन की EMI पर लगने वाले ब्याज का भार केंद्र उठाएगा।


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