Lockdown 4.0: पैसेंजर ट्रेन, प्लेन 31 मई तक बंद रहेंगे, राज्यों को बस चलाने की अनुमति

गृह मंत्रालय ने राज्यों को यह अनुमति दी है कि वो आपसी सहमति से बस चला सकती हैं
अपडेटेड May 18, 2020 पर 16:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार ने 18 मई से लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान कर दिया है। यह 31 मई तक जारी रहेगा। लॉकडाउन के ऐलान के कुछ घंटों के भीतर ही एविएशन सेक्टर के रेगुलेटर DGCA ने कहा कि 31 मई तक सभी डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट कैंसल कर दी गई है।


रविवार रात गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, घरेलू एयर एंबुलेंस, सिक्योरिटी और मेडिकल सर्विस के लिए फ्लाइट्स, कार्गो फ्लाइट्स और एयर इंडिया की विदेश से भारतीयों को लाने और देश में उन्हें उनके घर पहुंचाने (Repatriation) के लिए उड़ानें चलती रहेंगी।


24 मार्च आधी रात को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही सभी फ्लाइट्स बंद हैं। कोरोनावायरस संक्रमण पर काबू पाने के लिए 24 मार्च आधी रात से देशभर में लॉकडाउन जारी है।


मेट्रो सर्विस भी बंद रहेगी


इस दौरान मेट्रो भी नहीं चलेगी। पैसेंजर ट्रेन की सर्विस भी 31 मई तक बंद रहेगी। हालांकि इस दौरान श्रमिक स्पेशल और 30 स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी। अगली नोटिस तक सभी मेल, एक्सप्रेस, लोकल, पैसेंजर ट्रेन बंद रहेंगी। 


राज्यों को स्पेशल अधिकार


लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी मुश्किल हो रही है। लिहाजा गृह मंत्रालय ने राज्यों को यह अनुमति दी है कि वो आपसी सहमति से बस चला सकती हैं।


हालांकि लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार ने एक राज्य से दूसरे राज्य में मेडिकल प्रोफेशनल्स, नर्स, पारामेडिकल  स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एंबुलेंस की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। ठीक इसी तरह खाली ट्रक और कार्गों को भी एक जगह से दूसरी जगह जाने की इजाजत होगी। 


सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, "कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश किसी भी गुड्स या कार्गो के आने जाने पर पाबंदी नहीं लगा सकता है।"


कैब और टैक्सी चलेंगी या नहीं?

गृह मंत्रालय की तरफ से गाइडलाइंस में ओला, ऊबर जैसे टैक्सी एग्रीगेटर का कोई जिक्र नहीं है। गाइडलाइंस के जो प्रतिबंधित चीजों की सूची है उनमें इनका जिक्र नहीं है। इसके बावजूद टैक्सी चलेंगी ही या नहीं इसका फैसला राज्य सरकार के हाथ में होगा। हर राज्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए अपना अलग गाइडलाइंस बना सकती हैं। 


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