आत्मनिर्भर भारत के तहत महाराष्ट्र पश्चिम बंगाल ने नहीं लिया अतिरिक्त उधार

केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष महामारी के फैलने के बाद राज्यों को अतिरिक्त उधार लेने की अनुमति दी थी
अपडेटेड Jun 11, 2021 पर 10:02  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार की ओर से पिछले वर्ष आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत घोषित रिफॉर्म्स से जुड़े अतिरिक्त उधार का पांच राज्यों ने फायदा नहीं लिया। इनमें महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल बड़े राज्य हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को बताया था कि वे अगर ईज ऑफ डुइंग बिजनेस, पावर सेक्टर की वित्तीय स्थिति में सुधार जैसे रिफॉर्म्स को लागू करते हैं तो वे अपने ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) का अतिरिक्त एक प्रतिशत तक उधार ले सकते हैं।


इसके तहत कुल 2.14 लाख करोड़ रुपये में से 23 राज्यों को 1.06 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की अनुमति दी गई थी। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, मिजोरिम और नागालैंड ने इसका फायदा नहीं लिया।


सरकारी सूत्रों ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि इन राज्यों ने रिफॉर्म किए हों लेकिन अतिरिक्त उधार नहीं लेना पसंद किया। फिस्कल रूल्स के तहत, राज्य सरकारों को GSDP के तीन प्रतिशत तक का उधार लेने की अनुमति है।


हालांकि, पिछले वर्ष महामारी फैलने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को GSDP का अतिरिक्त दो प्रतिशत उधार लेने की अनुमति दी थी। इसमें एक प्रतिशत रिफॉर्म्स से जुड़ा उधार था।


केरल, उत्तराखंड और राजस्थान सभी रिफॉर्म्स को लागू करने वाले राज्य हैं।


मौजूदा वित्त वर्ष के लिए, राज्यों को GSDP का चार प्रतिशत तक उधार लेने की अनुमति दी गई है। पावर सेक्टर से जुड़े रिफॉर्म करने पर राज्यों को 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने की भी अनुमति है।


महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का केंद्र सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर टकराव रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाती रही हैं।


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