Mann ki Baat: पीएम मोदी ने समझाया, नए कृषि कानून से किसानों की बदलेगी जिंदगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम के जरिए कहा कि हमारे यहां किस्सागोई की परंपरा है और इनसे बड़ी सीख मिलती है
अपडेटेड Sep 28, 2020 पर 10:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) रविवार सुबह 11 बजे रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कोरोना वायरस महामारी से जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार का महत्‍व अब समझ आ रहा है। पीएम मोदी ने लॉकडाउन में गुजारे गए पलों को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहानी सुनाने की कला का जिक्र करते हुए कहा कि कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी कि मानव सभ्‍यता। पीएम मोदी का महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होने वाला 69वां एपिसोड़ है। 


कोरोना वायरस पर पीएम मोदी में कही ये बात


पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की वजह से आज दो गज की दूरी अनिवार्य बन गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा, कोरोना के इस कालखंड में पूरी दुनिया अनेक परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है। आज, जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इसी संकट काल ने, परिवारों के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है। हमें, जरूर एहसास हुआ होगा कि हमारे पूर्वजों ने जो विधायें बनाई थीं, वो आज भी कितनी महत्वपूर्ण हैं और जब नहीं होती हैं तो कितनी कमी महसूस होती है।


किस्सा कहानियों का किया जिक्र


पीएम मोदी ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उस देश के वासी है, जहां हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है। जहां कहानियों में पशु-पक्षियों और परियों की काल्पनिक दुनिया गढ़ी गई, ताकि विवेक और बुद्धिमता की बातों को आसानी से समझाया जा सके। तमिलनाडु और केरल में कहानी सुनाने की बहुत ही रोचक पद्धति है। इसे ‘विल्लू पाट्’ कहा जाता है। इसमें कहानी और संगीत का बहुत ही आकर्षक सामंजस्य होता है। हमारे यहां कथा की परंपरा रही है। ये धार्मिक कहानियां कहने की प्राचीन पद्धति है । इसमें ‘कताकालक्षेवम्’ भी शामिल रहा। हमारे यहां तरह-तरह की लोक-कथाएं प्रचलित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु स्‍टोरी टेलिंग ग्रुप से एक कहानी सुनाने की अपील की। जिसमें इस ग्रुप ने राजा कृष्‍णदेव राय की एक कहानी सुनाई जिसमें तेनालीराम का भी जिक्र था।


कृषि सुधार पर पीएम मोदी ने कही ये बात


केंद्र सरकार हाल ही में कृषि से जुड़े तीन विधेयक लेकर आई है जिसका भारी विरोध हो रहा है। स पर पीएम मोदी ने कहा कि मुझे कई ऐसे किसानों की चिट्ठियां मिलती हैं, किसान संगठनों से मेरी बात होती है, जो बताते हैं कि कैसे खेती में नए-नए आयाम जुड़ रहे हैं, कैसे खेती में बदलाव आ रहा है। किसानों के बारे में जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने हरियाणा के एक फल उत्पादक किसान का जिक्र किया है। उन्होंने किसान के बारे में बताया कि उसको साल 2014 के बाद से फल बेचने में काफी आसानी हुई है। पहले उनकी गाड़ी जब्त हो जाती थी। लेकिन फल और सब्जियों को APMC एक्ट से बाहर कर दिया गया । उन्होंने कहा कि आज गांव के किसान sweet corn और Baby corn प्रति एकड़ सालाना कमाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं इसी गांव के 60 से अधिक किसान Net house बनाकर टमामटर, खीरा, शिमला मिर्च, इसकी अलग-अलग वैरायटी का उत्पादन करके हर साल 10-12 लाख रुपये तकी कमाई कर रहे हैं।


इन किसानों के पास क्या अलग है। अपने फल-सब्जियों को, कहीं पर भी, किसी को भी, बेचने की ताकत है, और ये ताकत ही, उनकी, इस प्रगति का आधार है। अब यही ताकत, देश के दूसरे किसानों को भी मिली है। साथियों, तीन–चार साल पहले ही, महाराष्ट्र में, फल और सब्जियों को APMC के दायरे से बाहर किया गया था। इस बदलाव ने कैसे महाराष्ट्र के फल और सब्जी उगाने वाले किसानों की स्थिति बदली, इसका उदाहरण हैं, श्री स्‍वामी समर्थ फार्मर्सस प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड... ये किसानों का समूह है। पुणे और मुंबई में किसान साप्ताहिक बाज़ार खुद चला रहे हैं। इन बाज़ारों में, लगभग 70 गांवों के, साढ़े चार हज़ार किसानों का उत्पाद, सीधे बेचा जाता है - कोई बिचौलिया नहीं। ग्रामीण-युवा, सीधे बाज़ार में, खेती और बिक्री की प्रक्रिया में शामिल होते हैं - इसका सीधा लाभ किसानों को होता है, गांव के नौजवानों को रोजगार में होता है।


28 सितंबर को मनाएंगे भगत सिंह जयंती


पीएम मोदी ने जलियावाला बाग कांड के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया गया। मोदी ने कहा कि एक-सौ-एक साल पुरानी बात है। 1919 का साल था। अंग्रेजी हुकूमन ने जलियांवाला बांग में निर्दोष लोगों का कत्‍लेआम किया था। इस नरसंहार के बाद एक बारह साल का लड़का उस घटनास्थल पर गया। वह खुशमिज़ाज और चंचल बालक, लेकिन, उसने जलियांवाला बाग में जो देखा, वह उसकी सोच के परे था। वह स्तब्ध था, यह सोचकर कि कोई भी इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। वह मासूम गुस्से की आग में जलने लगा था। उसी जलियांवाला बाग़ में उसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ़ लड़ने की कसम खाई। क्या आपको पता चला कि मैं किसकी बात कर रहा हूं? हां! मैं, शहीद वीर भगतसिंह की बात कर रहा हूं। कल, 28 सितंबर को हम शहीद वीर भगत सिंह की जयंती मनायेंगे। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक हुकूमत जिसका दुनिया के बड़े हिस्से पर शासन था, इसके बारे में कहा जाता था कि उनके शासन में सूर्य कभी अस्त नहीं होता था। इतनी ताकतवर हुकूमत, एक साल के 23 साल के युवक से भयभीत हो गई थी। 


बापू और शास्‍त्री को भी किया याद


पीएम मोदी ने कहा कि 02 अक्टूबर हम सबके लिए पवित्र और प्रेरक दिवस होता है । यह दिन मां भारती के दो सपूतों, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को याद करने का दिन है। पूज्य बापू के विचार और आदर्श आज पहले से कहीं ज्यादा प्रासंगिक हैं, महात्मा गांधी का जो आर्थिक चिंतन था, अगर उस भावना को पकड़ा गया होता, समझा गया होता, उस रास्ते पर चला गया होता, तो, आज आत्मनिर्भर भारत अभियान की जरूरत ही नहीं पड़ती। गांधी जी के आर्थिक चिंतन में भारत की नस-नस की समझ थी, भारत की खुशबू थी। पूज्य बापू का जीवन हमें याद दिलाता है कि हम ये सुनिश्चित करें कि हमारा हर कार्य ऐसा हो, जिससे, ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति का भला हो। वहीं, शास्त्री जी का जीवन, हमें, विनम्रता और सादगी का संदेश देता है।


लोक नायक जय प्रकाश की जयंती


पीएम मोदी ने कहा कि 11 अक्टूबर का दिन हमारे लिए बहुत विशेष होता है। इस दिन हम भारत रत्न लोक नायक जय प्रकाश की जयंती का स्मरण करते हैं। जेपी ने हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में बेहद अहम भूमिका निभाई। हम भारत रत्न नाना जी देशमुख को भी याद करते हैं। जिनकी जंयती बी 11 तारीख को ही है । नाना जी देशमुख, जय प्रकाश नारायण जी बहुत खास दोस्त थे।  जब जेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे थे, तो पटना में उन पर हमला किया गया।


12 अक्टूबर को राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती


पीएम मोदी ने कहा कि 12 अक्टूबर को राजमाता विजय राजे सिंधिया की जयंती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। वे एक राज परिवार से थीं, उनके पास संपत्ति, शक्ति दूसरे संसाधनों की कोई कमी नहीं थी। फिर भी उन्होंने एक माँ की तरह जन- सेवा के लिए अपना जीवन खपा दिया। पीएम मोदी ने एक घटना का जिक्र किया एक बार राजमाता सिंधिया ने उन्हें रात में कड़ाके ठंड में गर्म दूध दिया था, पीएम मोदी को सुबह पता चला कि राजमाता ने हमारे साथ आए हुए सभी 30-40 लोगों को गर्म दूध पिलाया था। उन्होंने कहा कि माँ का प्यार क्या होता है, वात्सल्य क्या होता है, उस घटना को मैं कभी नहीं भूल सकता हूं। यह हमारा सौभाग्य है कि ऐसे महान विभूतियों ने हमारी धरती को त्याग और तपस्या से सींचा है।  


अंत में पीएम मोदी कोरोना काल को याद दिलाते हुए कहा कि 2 गज की दूरी बहुत जरूरी है। जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। कुल मिलाकर इस संकट काल ने परिवार के सदस्यों को जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है।   


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