Mann ki Baat Updates: Vocal for Local से लेकर जवानों तक का पीएम मोदी ने किया जिक्र, पढ़िए कुछ अहम बातें

पीएम मोदी ने देशवासियों को एक बार फिर से दशहरे की बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा है कि दशहरा संकटों पर जीत का भी त्योहार है
अपडेटेड Oct 26, 2020 पर 09:59  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। यह उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम का 70वां एपिसोड है। जिसे आकाशवाणी और दूरदर्शन के सभी नेटवर्क पर प्रसारित किया जाता है। पीएम मोदी ने त्योहारों पर लोकल प्रोडक्टक की खरीदारी और दीवाली के समय सैनिकों के नाम दीया जलाने से की अपील की है। 


विजय दशमी पर शुभकामनाएं  


पीएम मोदी ने कहा कि आज विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व है। इस पावन अवसर पर आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। दशहरे का ये पर्व,असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। आज आप सभी बहुत संयम के साथ जी रहे हैं, त्योहार मना रहे हैं, इसलिए जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं,उसमें जीत भी सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि पहले दशहरे पर बड़े-बड़े मेले लगते थे उसका आकर्षण भी बहुत रहता था। लेकिन कोरोना के संकट काल में हमें संयम से काम लेना है। मर्यादा में रहना है। उन्होंने कहा कि इस बार दिवाली में एक दीया सीमा पर तैनात सैनिक के नाम जलाएं। उन्होंने कहा कि वीर जवान सीमा पर अकेले नहीं हैं। आपके साथ पूरा देश खड़ा है। मैं उन परिवारों के त्याग को नमन करता हूं जिनके बेटे-बेटी आज सरहद पर हैं। 


Vocal for Local  को ध्यान दें


पीएम मोदी ने कहा कि जब हम त्योहार की बात करते है, तैयारी करते हैं, तो सबसे पहले मन में यही आता है क्या बाजार में जाकर क्या खरीदें। इस पर उन्होंने कहा कि जब भी खरीदारी करने जाएं तो Vocal for Local का अपना संकल्प अवश्य याद रखें। बाजार से सामान खरीदते समय हमें लोकल प्रोडक्ट पहले खरीदना है। लॉकडाउन के समय जिस तरह से लोकल स्तर पर आपके सब्जी वाले, सिक्योरिटी गार्ड ने आपकी सहायता की है। त्योहारों के समय इन बीत खुशियां अवश्य मनाएं। 


खादी पर कही यह बात


आज जब हम लोकल के लिए वोकल हो रहे हैं तो दुनिया भी हमारे लोकल प्रोडक्ट्स की फैन हो रही है। हमारे कई लोकल प्रोडक्ट्स में ग्लोबल होने की बहुत बड़ी शक्ति है। उन्होंने एक उदाहरण खादी का देते हुए कहा कि खादी सादगी की पहचान रही है। लेकिन हमारी खादी आज Eco-Friendly Fabric रूप में जानी जा रही है। जो कि स्वास्थ्य की दृष्चिकोण से Friendly fabric है। खादी All Weather fabric है। आज खादी Fashion statement बन रही है।   जैसे एक उदाहरण है- खादी। खादी की पॉपुलैरिटी तो बढ़ ही रही है, साथ ही, दुनिया में कई जगह, खादी बनाई भी जा रही है। मेक्सिको में एक जगह है ओहाका। इस इलाके में कई गांव ऐसे है, जहां स्थानीय ग्रामीण, खादी बुनने का काम करते है। आज, यहां की खादी ‘ओहाका खादी’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है। साथियो, दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई। इसी तरह कोरोना के समय में खादी के मास्क भी बहुत पॉपुलर हो रहे हैं।


बाराबंकी की सुमन देवी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह खादी मास्क बनाकर स्वदेशी की मुहिम से जुड़ी हुई हैं। भारत का योग, आध्यात्म और मलखंब जैसे खेल दुनिया में फेमस हो रहे हैं। भारत में प्राचीन कालीन से ऐसे खेल रहे हैं, जो हमारे मानसिक विकास को एक नए स्तर तक ले जा सकते हैं। मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वह इंटरनेट पर जाकर इसे जरूर देखें।


गांधी जयंती के दिन 1 करोड़ से ज्यादा खादी की खरीदारी हुई


पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपए से ज़्यादा की खरीदारी हुई। इसी तरह कोरोना समय में खादी के मास्क भी बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। देशभर में कई जगह सेल्फ हेल्प ग्रुप और दूसरी संस्थाएं खादी के मास्क बना रहे हैं।


पटेल की जयंती का जिक्र


पीएम मोदी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म जयंती 31 अक्टूबर को हम राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाएंगे। बहुत कम लोग मिलेंगे जिनके व्यक्तित्व में एक साथ कई तत्व मौजूद हों-वैचारिक गहराई, नैतिक साहस, राजनैतिक विलक्षणता, कृषि क्षेत्र का गहरा ज्ञान और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण। देश की एकता के लिए सरदार पटेल हमेशा आगे रहे हैं।


कश्मीर का पुलवामा पेंसिल स्लेट्स से देश को बना रहा आत्मनिर्भर


पुलवामा में एक गांव है उक्खू। जिसे आज पेंसिल गांव के नाम से जाना जाता है। पेंसिल के लिए पुलवामा के लोगों ने कुछ नया करने की ठानी है। पेंसिल की लकड़ी में पुलवामा की अपनी पहचान है। कश्मीर घाटी 90 फीसदी पेंसिल की लकड़ी की आपूर्ति करती है। कश्मीर का पुलवामा पूरे देश को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज देशभर में बच्चे अपना होमवर्क करते हैं नोट्स बनाते हैं तो कहीं न कहीं इसके पीछे पुलवामा के लोगों की कड़ी मेहनत भी है। एक समय था जब हम पेंसिल की लकड़ी विदेश से मंगाते थे। 


एग्रीकल्चर सेक्टर में हैं कई संभावनाएं


कृषि क्षेत्र पर पीएम मोदी ने कहा कि आज इस क्षेत्र में नई संभावनाएं दिख रही है। इसमें काफी संख्या में युवा जुड़ने लगे हैं। आज किसान ई-प्लेटफॉर्म कार्ड के जरिए खेती के सामान, जैसे खाद, बीज, Pesticide, Fungicide आदि की होम डिलिवरी कर रहे हैं। यानी किसानों को घर तक उनकी जरूरत की चीजें मिल रही हैं। 



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