महबूबा मुफ्ती ने सेना पर लगाया स्थानीय नागरिकों से आधी रात को जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाने का आरोप

महबूबा मुफ्ती ने सेना के जवानों पर आधी रात में नागरिकों को डंडों से पीटने का भी आरोप लगाया है
अपडेटेड Dec 01, 2020 पर 09:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने सोमवार को दावा किया कि सेना के जवानों ने श्रीनगर (Srinagar) आधी रात को स्थानीय नागरिकों को उनके घरों से खींच लिया और उन्हें डंडों से पीटा। साथ ही महबूबा मुफ्ती ने सेना के जवानों पर आरोप लगाया है कि नागरिकों को जय श्री राम (Jai Shree Ram) का नारा लगाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने आगे BJP शासित केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि यह भारत में जम्मू-कश्मीर को एकीकृत करने के लिए भारत सरकार का दृष्टिकोण है।


एक मीडिया रिपोर्ट को शेयर करते हुए PDP (Peoples Democratic Party) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि सेना के जवानों पर आधी रात में स्थानीय नागरिकों को उनके घरों से बाहर निकालते हैं, उन्हें डंडों से पीटते हैं और फिर इन निर्दोष लोगों को जय श्री राम (Jai Shree Ram) का जाप करने के लिए मजबूर करते हैं। The Kashmir Walla की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 20 वर्षीय बिलाल हुसैन (Bilal Hussain) और उनके पिता को सेना के लगभग 40 जवानों ने करीब 1:30 बजे घरों से बाहर बुलाया था।


रिपोर्ट में कहा गया है कि जवानों ने बिलाल से पूछा कि आतंकवादी कहां हैं?, उन्होंने खाना कहां खाया? हुसैन ने आरोप लगाया कि सेना के एक अधिकारी ने कहा कि, जय श्री राम बोल... हुसैन ने उस पल को याद करते हुए कहा कि जवान जबरन जय श्री राम का नारा लगवा रहे थे और मैं दर्द में चिल्लाया तो उन्होंने अपनी बंदूक मेरे मुंह में दबा दी। स्थानीय लोगों ने सेना पर दिन-रात पड़ोस में छापा मारने, नागरिकों को बाहर निकालने और उन्हें पीटने का आरोप लगाया है।


पाकिस्तान से हो बातचीत 


इससे पहले पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि चुनाव कश्मीर समस्या का हल नहीं है और उन्होंने मुद्दे के हल के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र की BJP नीत सरकार पर आरोप लगाया कि वह जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों के नाम पर लोकतंत्र की हत्या कर रही है और गठबंधन के उम्मीदवारों को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया, वहीं अन्य लोगों को प्रचार करने की पूरी आजादी मिली हुई थी। महबूबा ने अपने गुपकर स्थित निवास पर पत्रकारों से कहा कि चुनाव कश्मीर समस्या का कोई हल नहीं है। दोनों देशों के बीच बातचीत होनी चाहिए। अगर हम चीन से बातचीत कर रहे हैं, जिसने हमारी जमीन ले ली है, तो पाकिस्तान के साथ क्यों नहीं? क्या यह मुस्लिम देश होने के नाते है क्योंकि अब सब चीजें सांप्रदायिक हैं।


बता दें कि पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के साथ कथित संबंधों को लेकर पीडीपी युवा इकाई के प्रमुख वहीद पारा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री को पुलवामा जिले में वहीद पारा के आवास पर जाने से रोक दिया था। महबूबा को शुक्रवार को प्रेस कॉन्फेंस को संबोधित करने की अनुमति नहीं दी गई थी। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि गठबंधन के उम्मीदवारों को डीडीसी चुनावों में स्वतंत्र रूप से प्रचार करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे लोगों के पास सुरक्षा नहीं है। उन्हें अपने घरों तक सीमित कर दिया गया है और उन्हें चुनाव अभियान चलाने की अनुमति नहीं है, वहीं BJP के उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं... क्या यह देश भाजपा के एजेंडे पर चलेगा? महबूबा ने कहा कि उन्हें विभिन्न मुद्दों पर बोलने की आजादी नहीं है।


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