जानिए क्यों, एक्सिस बैंक से HDFC Bank में शिफ्ट होगा मुंबई पुलिस के 40 हजार कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट

कई बैंकों ने इसके लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसमें से मुंबई पुलिस ने HDFC Bank को चुना
अपडेटेड Oct 25, 2020 पर 08:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मुंबई पुलिस (Mumbai Police) में काम करने वाले 40 हजार कर्मचारियों की सैलरी अब एक्सिस बैंक (Axis Bank) के अकाउंट में नहीं आएगी। इन सभी 40,000 पुलिसकर्मियों की सैलरी अकाउंट प्राइवेट सेक्टर के ही एक अन्य बैंक यानी HDFC बैंक में ट्रांसफर किया जा रहा है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने Mumbai Mirror को इस बारे में जानकारी दी है। इस संबंध में एक सरकारी सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई पुलिस के अकाउंट को ट्रांसफर करने की कवायद की शुरुआत हो गई है।


मुंबई पुलिस में देश की सबसे बड़ी पुलिस फोर्स में से एक हैं। इसमें करीब 40 से 50 हजार कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अब इन सभी कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट को HDFC Bank में ट्रांसफर किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई ​पुलिस और एक्सिस बैंक के बीच सभी कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) की अवधि 31 जुलाई 2020 को ही समाप्त हो चुकी है।


अवधि समाप्त होने के बाद से ही मुंबई पुलिस दूसरे बैंक की तलाश में थी, जो उनके कर्मचारियों को एक्सिस बैंक से ज्यादा सुविधाएं दे सके। सर्कुलर में बताया गया कि कई बैंकों ने इसके लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसमें से मुंबई पुलिस ने HDFC Bank को चुना। इसके लिए HDFC बैंक और मुंबई पुलिस के बीच एक नया समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।


वहीं, सरकार के इस फैसले को लेकर शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस आमने सामने आ गई हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर तत्कालीन राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि अमृता फडणवीस ने राज्य सरकार का बचाव किया है। बता दें कि अमृता 18 वर्षों से एक्सिस बैंक में कार्यरत हैं। अमृता एक्सिस बैंक में सीनियर पॉजिशन पर हैं।


अकाउंट्स ट्रांसफर किए जाने की वकालते करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा कि जल्द मुंबई पुलिस 50 हजार पुलिसकर्मियों के सैलरी अकाउंट को एक्सिस बैंक से ट्रांसफर करेगी। कैसे मनमाने ढ़ंग से राज्य सरकार के कर्मचारियों के खातों का रातों-रात ट्रांसफर कर दिया गया था, इसकी बहुत ज्यादा जरूरत थी।


इस ट्वीट को कोट करते हुए अमृता फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि एक्सिस बैंक मेरा परिवार नहीं है, यह तीसरी सबसे बड़ी प्राइवेट लिस्टेड कंपनी है और मैं एक कर्मचारी हूं जो पिछले 18 वर्षों से वहां पर काम कर रही हूं। कैसे एक अवसरवादी दल-बदलू उनकी मेहनत और कड़े परिश्रम को समझेगी। इन खातों को टेक्नोलॉजी और सेवाओं के आधार पर साल 2005 में अधिग्रहण किया गया था।


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