1 जून से बदल जाएंगे घरेलू उड़ानों के नियम, फ्लाइट कम और किराया ज्यादा, जानिए सभी डिटेल्स

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने घरेलू हवाई किराए की लोअर लिमिट को 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 16 प्रतिशत करने का फैसला लिया है
अपडेटेड May 31, 2021 पर 12:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर आप लोगों ने कहीं की यात्रा का प्लान बनाया है, तो ये खबर आपके लिए ही है। 1 जून से, देश के भीतर उड़ानें महंगी होने वाली हैं, क्योंकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने घरेलू हवाई किराए की लोअर लिमिट को 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 16 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। पिछले साल 25 मई को घरेलू परिचालन फिर से शुरू होने के बाद से ये पहली बार है, जब सरकार ने उड़ानों की क्षमता सीमा में कटौती की है।


नए किराया प्रतिबंध क्या हैं?


अब, 40 मिनट की उड़ानों की लोअर लिमिट 2,300 रुपए से बढ़ाकर 2,600 रुपए कर दी जाएगी यानि 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इसी तरह, 40 मिनट से 60 मिनट वाली उड़ानों की लिमिट वर्तमान 2,900 रुपए के बजाय 3,300 रुपए की लोअर लिमिट होगी।


इसी तरह 60 से 90, 90 से 120, 120 से 150, 150 से 180 और 180 से 210 मिनट के बीच की घरेलू उड़ानों में क्रमशः ₹4,000, ₹4,700, ₹6,100, ₹7,400 और ₹8,700 की लोअर लिमिट होगी।


दिल्ली-मुंबई फ्लाइट


नए नियम के लागू होने के बाद दिल्ली-मुंबई की उड़ान की कीमत मौजूदा किराए से 700 रुपए ज्यादा होगी। वर्तमान में, उपरोक्त अवधि में उड़ानों के लिए हवाई किराया ₹300 से ₹1,000 तक सस्ता है।


हवाई किराए में बढ़ोतरी का कारण


ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने फेयर लिमिट बढ़ा दी है। हवाई किराए में बढ़ोतरी को यात्रियों के लोड फैक्टर की क्षमता को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। Covid-19 महामारी की दूसरी लहर में कोरोनोवायरस (Coronavirus) के मामलों में अचानक बढ़ोतरी से घरेलू हवाई यात्रा में कमी देखी गई।


हवाई किराए पर लोअर और अपर लिमिट


भारत ने उड़ान की अवधि के आधार पर हवाई किराए पर लोअर लिमिट और अपर लिमिट लगाई थीं, जब दो महीने के लॉकडाउन (Lockdown) के बाद पिछले साल 25 मई को सर्विस फिर से शुरू की गई थीं।


जब सरकार ने निर्धारित घरेलू उड़ानें फिर से शुरू कीं, तो मंत्रालय ने एयर लाइंस को उनकी प्री-Covid घरेलू सेवाओं के 33 प्रतिशत से ज्यादा संचालित करने की अनुमति नहीं दी थी। पिछले साल दिसंबर तक इस कैप को धीरे-धीरे बढ़ाकर 80 फीसदी कर दिया गया था और अब ये लिमिट 80 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। ये कटौती 1 जून यानी कल से लागू होगी।


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