Nikita Murder Case: अगर 2018 में हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज निकिता जिंदा होती

पुलिस हत्या के दोनों आरोपियों-तौफीक और रेहान को गिरफ्तार कर चुकी है, दोनों आरोपियों को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिया गया है
अपडेटेड Oct 28, 2020 पर 11:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के बल्लभगढ़ शहर स्थित अग्रवाल कॉलेज की बीकॉम ऑनर्स की एक छात्रा की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने गौंछी-सोहना रोड पर जाम लगा दिया। वहीं, हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया और कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रा निकिता तोमर की सोमवार को हुई हत्या से गुस्साए सैकड़ों लोग मंगलवार को सड़क पर उतर गए और पुलिस प्रशासन व सरकार से न्याय की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारी आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे थे।


पुलिस हत्या के दोनों आरोपियों-तौफीक और रेहान को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिया गया है। मुख्य आरोपी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखता है। लोगों के प्रदर्शन के चलते पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस बीच एक हरियाणा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है कि बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर के साथ अपहरण की इसी तरह की वारदात को आरोपी साल 2018 में भी अंजाम दे चुका था। परिवार ने बताया कि आरोपी साल 2018 में भी लड़की को अपने साथ ले गया था, जिसपर मामला थाना सिटी बल्लभगढ़ में दर्ज किया गया था। उस वक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जिसका खामियाजा निकिता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।


निकिता के परिवार ने दावा किया है कि यह लव जिहाद का मसला है। परिवार की माने तो 2018 में भी मुख्य आरोपी तौसिफ के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्ष के बीच सुलह समझौता हो गया था। पिता का आरोप है कि इस बार भी उन्हीं लोगों ने घटना को अंजाम दिया है। निकिता की मां का कहना है कि मेरी बेटी की तरह ही दोषियों का एनकाउंटर किया जाए। जब तक एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक मैं अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करूंगी।


छात्रा पर शादी का बना रहा था दबाव


परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था। हरियाणा के गृहमंत्री ने कहा कि परिवार की सुरक्षा के लिए फरीदाबाद पुलिस आयुक्त से बात की गई है, जल्द ही उन्हें सुरक्षा दी जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, पुलिस ने छात्रा को गोली मारने वाले मुख्य आरोपी तौफीक के साथ-साथ उसके साथी रेहान निवासी नूंह को भी मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच DLF ने मुख्य आरोपी तौफीक को सोमवार रात ही गिरफ्तार कर लिया था। वह कबीर नगर, सोहना, गुरुग्राम का निवासी है। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह के अनुसार तुरंत प्रभाव से क्राइम ब्रांच की 10 टीमों को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के दिशा-निर्देश दिए गए थे।


आरोपी का कांग्रेस कनेक्शन


क्राइम ब्रांच ने फरीदाबाद से पलवल एवं मेवात तक चलाए गए 5 घंटे के अभियान के दौरान मुख्य आरोपी को धर दबोचा।  गिरफ्तार आरोपी तौफीक की उम्र 21 साल है। दूसरा आरोपी रेहान रेवासन मेवात का रहने वाला है। सिंह ने कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं, जिनके आधार पर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मुख्य आरोपी तौफीक के दादा कबीर अहमद विधायक रह चुके हैं, जबकि चाचा खुर्शीद अहमद हरियाणा के पूर्व मंत्री रहे हैं। वहीं, एक अन्य रिश्तेदार आफताब अहमद वर्तमान में कांग्रेस के नूंह (मेवात) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में परिवहन मंत्री भी रहे हैं। तौफीक के चाचा जावेद अहमद ने भी 2019 में सोहना विधानसभा क्षेत्र से BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।


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