राहत पैकेज की तीसरी किस्त: किसानों, मछुआरों की आमदनी बढ़ाने की बड़ी योजना का ऐलान

20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के तीसरे चरण का ऐलान किया है
अपडेटेड May 16, 2020 पर 09:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने आज 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के तीसरे चरण का ऐलान किया है। फाइनेंस मिनिस्टर ने तीसरे चरण का पैकेज जारी करते पहले यह बताया कि आज का यह पैकेज खेती-किसानी, फिशरीज और इससे जुड़े कामकाज में लगे लोगों के लिए है। 


सीतारमण ने ऐलान किया कि 1 लाख करोड़ रुपए एग्रीगेटर्स, FPO, फार्मर प्रोड्यूसर को दिए जाएंगे ताकि गोदाम, स्टोरेज सेक्टर बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। किसान निर्यात में मदद करते हैं लेकिन भंडारण की कमी और संवर्द्धन के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का फंड दिया जाएगा। इससे कीमत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ेगी।


माइक्रो फूड एंटरप्राइज के लिए सरकार 10,000 करोड़ रुपए का पैकेज दिया है। इसमें स्थानीय कंपनियों को सपोर्ट किया जाएगा। जैसे बिहार का मखाना, यूपी के आम, जम्मू-कश्मीर के केसर जैसे खेती में कलस्टर बनाया जाएगा। इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।


2.5 लाख करोड़ कार्ड के जरिए 3 लाख किसानों की मदद की गई थी। अब प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआरों की मदद के लिए 11,000 करोड़ रुपए दिए जा रहे है। इससे 55 लाख से ज्यादा रोजगार बढ़ेंगे।


हर्बल कल्टीवेशन के लिए 4000 करोड़ रुपए का फंड दिया जा रहा है। नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड्स (NMPB)25 लाख हेक्टेयर में इसकी खेती होगी। इससे किसानों को 5000 करोड़ रुपए की आमदनी होगी। जन औषधि की खेती करने के साथ उसका नेटवर्क किया जा रहा है।


मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए 500 करोड़ रुपए का पैकेज दिया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में जो लोग मधुमक्खी पालन करते हैं उन्हें इससे सपोर्ट मिलेगा। 2 लाख मधुमक्खी पालन करने वाले लोगों की आमदनी बढ़ेगी। 


TOP यानी टमाटर प्याज और आलू की खेती के लिए जो सपोर्ट दिया जा रहा था उसे अब बढ़ाकर बाकी फल सब्जियों को भी दिया जाएगा। माला ढुलाई पर 50 फीसदी और कोल्ड स्टोरेज में रखने पर 50 फीसदी की सब्सिडी दी जा रही है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए दिए गए हैं।


सीतारमण ने कहा कि देश की ज्यादातार आबादी खेती से जुड़ी हुई है। लिहाजा उस सेक्टर पर फोकस करना जरूरी है। कृषि और उससे जुड़े कामकाज के लिए आज का पैकेज जारी किया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ऐसे प्रावधान किए ताकि रबी फसल की कटाई हो सके। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए प्रोक्योरमेंट भी किया जा रहा है। पिछले दो महीने में लॉकडाउन के दौरान कृषि को सरकार ने पूरी तरह सपोर्ट किया है।


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