Nirmala Sitharaman Press Conference Updates: फाइनेंस मिनिस्टर के ऐलान की अहम बातें

इससे पहले 13 मई को भी शाम 4 बजे उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया MSMEs को राहत सहित कई उपाय बताए थे
अपडेटेड May 15, 2020 पर 10:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का दूसरा ब्योरा देने वाली हैं। आज शाम 4 बजे वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है। इससे पहले 13 मई को भी शाम 4 बजे उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया MSMEs को राहत, EPF कॉन्ट्रिब्यूशन में छूट, इनकम टैक्स की डेडलाइन बढ़ाने सहित कई फैसले किए थे।


5.15 PM


फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि NABARD के जरिए किसानों को 30,000 करोड़ की अतिरिक्त मदद दी जा रही है। इससे 3 करोड़ छोटे और मझोले किसानों को फायदा होगा।


5.10 PM


निर्मला सीतारमण ने कहा मिडिल इनकम ग्रुप 6-18 लाख सालाना की कमाई वाले लोगों के लिए 2017 में क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम लाई गई थी। यह स्कीम 31 मार्च 2020 तक थी लेकिन अब इसे मार्च 2021 तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। इससे और 2.5 लाख लोगों को फायदा होगा। सीतारमण ने कहा कैंपा फंड का इस्तेमाल कर 6000 करोड़ रुपए के रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे आदिवासी और जनजातिय समूहों के लोगों को सीधा पैसा मिलेगा।


5.02 PM


वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा मुद्रा शिशु लोन लेने वालों को 1500 करोड़ रुपए का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि रेहड़ी, पटरी, ठेला वाले लोगों को 5000 हजार करोड़ की सुविधा दी जाएगी। इस दौर में अगर कोई डिजिटल पेमेंट करता है तो उसे सरकार खास इनाम देगी। ठाकुर ने बताया कि इससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा होगा।


4.58 PM


प्रवासी मजदूरों के रहने की व्यवस्था


फाइनेंस मिनिस्टर  निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाने की तैयारी है। इस योजना के तहत गरीबों को कम किराए पर रहने के लिए घर मिलेगा।


4.50 PM


वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में एक राशन कार्ड लागू करने की तैयारी में है। फिलहाल किसी भी राज्य का राशन कार्ड किसी दूसरे राज्य में दिखाकर राशन लिया जा सकता है। प्रवासी मजदूरों को दिक्कत ना हो इसलिए यह फैसला लिया गया है।


4.48 PM


20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के दूसरे चरण का ब्योरा देते हुए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने प्रवासी मजदूरों के लिए तीन खास सपोर्ट का ऐलान किया है।


सभी प्रवासी मजदूरों जिनके पास राशन कार्ड है उन्हें पहले की तरह दो महीने तक गेहूं और चावल मिलता रहेगा। लेकिन जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें 5 किलो चावल और एक किलो चना दिया जाएगा। यह राज्यों की जिम्मेदारी होगी कि वह इसका फायदा मजदूरों तक पहुंचाएं।


4.46 PM


वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि अब सभी मजदूरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।


4.45 PM


निर्मला सीतारमण ने कहा जिन संस्थाओं में 10 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं वहां ESIC (Employees state Insurance Corporation) के कर्मचारियों का बीमा का फायदा दिया जाएगा। अगर कोई मजदूर किसी खतरनाक जगह पर काम कर रहे हैं तो वहां ESIC देना अनिवार्य होगा।


4.35 PM


निर्मला सीतारमण ने कहा मिनिमम वेज को यूनिवर्सल प्रोविजन में शामिल किया जाएगा। इसका फायदा सभी मजदूरों को मिलेगा। अलग-अलग राज्यों की मजदूरी में जो अंतर है उसे भी खत्म किया जाएगा। साथ ही सभी मजदूरों के लिए सालाना हेल्थ चेकअप भी किया जाएगा।


4.30 PM


फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा जो मजदूर शहरों से अपने घर लौट रहे हैं उन्हें अलग-अलग मंत्रालयों के जरिए मनरेगा में रजिस्टर किया जा रहा है। मनरेगा एक्ट के तहत उन्हें अपने राज्य में ही काम दिया जा रहा है। सरकार इसपर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। अगर आगे जरूरत पड़ी तो और खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मजदूरों को किसी एजेंसी के जरिए नहीं बल्कि सीधे काम के लिए बुलाया जा सकेगा। संसद में इस पर काम चल रहा है जिसका फायदा मजदूरों को होगा।


4.25 PM


निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूरे देश में 12 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप 3 करोड़ ने मास्क और सैनिटाइजर बनाए हैं। ये सेल्फ हेल्प ग्रुप केंद्र की मदद से ये कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि 15 मार्च से अब तक 7200 नए सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए गए हैं।


4.20 PM


फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, राज्य सरकारें अब आपदा के लिए आवंटित रकम का इस्तेमाल प्रवासी मजदूरों के रहने और खाने-पीने पर कर सकती हैं। हालांकि यह राज्यों के ऊपर है कि वो आपदा फंड का इस्तेमाल कैसे करती हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले जो बेघर गरीब हैं उनके लिए केंद्र व्यवस्था कर रही है। इसके लिए पिछले दो महीनों में 11,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं।


4.15 PM


वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पिछले साल मई के मुकाबले इस साल ज्यादा मजदूर रजिस्टर कर रहे हैं। प्रवासी मजदूर चाहें तो खुद को रजिस्टर कर सकते हैं दिहाड़ी को बढ़ाकर 182 से 202 रुपये कर दिया गया है।


4.10 PM 


सीतारमण ने ऐलान किया कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बैंक के जरिए 86,000 करोड़ रुपए के कुल 63 लाख लोन पास हुए हैं। नाबार्ड, ग्रामीण बैंक और कोऑपेरटिव्स  के जरिए 29,500 रुपए की रीफाइनेंसिंग हुई है।


जानिए 13 मई क्या फैसले लिए गए थे


3.30 PM


फिस्कल ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन 31 जुलाई 2020 और  31 अक्टूबर 2020 से बढ़ाकर 31 नवंबर 2020 कर दी गई है। टैक्स ऑडिट की डेडलाइन 30 सितंबर 2020 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2020 कर दिया गया है। असेसमेंट ना करने की छूट जो अब तक सितंबर 2020 तक थी उसे बढ़ाकर दिसंबर 2020 कर दिया गया है। विवाद से विश्वास स्कीम को भी बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दिया गया


3.15 PM


फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, जो लोग EPF के दायरे में नहीं आते हैं उनकी टेकहोम सैलरी बढ़ाने के लिए PF कॉन्ट्रिब्यूशन 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। सरकारी कंपनियों में कंपनी को 12 फीसदी कॉन्ट्रिब्यूशन देना होगा लेकिन कर्मचारियों के पास यह विकल्प होगा कि वो अगले तीन महीने 10 फीसदी देना चाहते हैं या 12 फीसदी।


3.10 PM


पहले चरण में 14 अलग-अलग उपाय किए गए थे। इनमें से 6 MSMEs, 2 EPF, 2 NBFC और MFIs, 1 डिस्कॉम के लिए, 1 कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए, 1 रियल एस्टेट के लिए और 3 टैक्स से जुड़े फैसले किए हैं।


3.00 PM


MSMEs के लिए क्या है?

निर्मला सीतारमण ने बताया कि MSMEs को बिना किसी कोलैट्रल का 3 लाख करोड़ रुपए तक ऑटोमेटिक लोन मिलेगा। यह लोन 100 फीसदी गारंटीड और  4 साल के लिए होगा। यह स्कीम 21 अक्टूबर 2020 को खत्म होगी। इससे 45 लाख यूनिट्स को फायदा होगा। इससे उन्हें अपना कामकाज शुरू करने में मदद मिलेगी।


जिन MSMEs में इक्विटी की समस्या है उन्हें सबऑर्डिनेट लोन दिया जाएगा। इसके लिए 20,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इससे 2 लाख MSMEs की नकदी की समस्या दूर होगी। सभी NPA या स्ट्रेस्ड लोन को इस स्कीम का फायदा मिलेगा। सरकार CGTMSE के लिए 4,000 करोड़ रुपए देगी जो बैंकों को आंशिक गारंटी देते हैं, वो इसका फायदा अब MSMEs को भी देंगे।


MSMEs के लिए जो दूसरा कदम उठाया गया है  कि सरकारी खरीद में 200 करोड़ रुपए या इससे नीचे का ग्लोबल टेंडर नहीं दिया जाएगा। इससे MSMEs को बड़ी परियोजनाओं के लिए सप्लाई करने का मौका मिलेगा। सरकारी यूनिट्स सरकारी खरीद का हिस्सा बन सकती हैं।


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