देश की सड़कों पर दौड़ रहे हैं 4 करोड़ से ज्यादा पुराने वाहन, Green Tax लगाने की तैयारी में सरकार

कर्नाटक में सबसे अधिक 70 लाख पुराने वाहन हैं। इसके बाद दूसरे नंबर में उत्तर प्रदेश है
अपडेटेड Mar 29, 2021 पर 10:38  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत की सड़कों पर 15 साल से अधिक पुराने 4 करोड़ वाहन दौड़ रहे हैं। ये वाहन ग्रीन टैक्‍स के दायरे में आते हैं। पुराने वाहनों के मामले में कर्नाटक टॉप पर है। कर्नाटक में पुराने वाहनों की संख्या 70 लाख से अधिक है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने देशभर में ऐसे वाहनों के आंकड़ों को डिजिटल किया है।


हालांकि, इनमें आंध्र प्रदेश, (Andhra Pradesh), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), तेलंगाना (Telangana) और लक्ष्यद्वीप (Lakshadweep) शामिल नहीं हैं। इन राज्यों के डेटा मौजूद नहीं है।


पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्‍स (green tax) लगाने का प्रस्ताव राज्यों को पहले ही भेजा जा चुका है। डेटा के मुताबिक, 4 करोड़ से अधिक वाहन 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। इनमें से 2 करोड़ वाहन तो 20 साल से अधिक पुराने हैं। मंत्रालय ने कहा कि वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड सेंट्रलाइज्ड वाहन डेटाबेस (centralised Vahan database) पर आधारित है। इसमें आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप लिस्ट से बाहर हैं।


प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की लिस्ट में उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। सूबे में ऐसे वाहनों की संख्या 56.54 लाख है। जिसमें से 24.55 लाख वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हैं। देश की राजधानी दिल्ली में 49.93 लाख पुराने वाहनों के साथ तीसरे नंबर पर है। दिल्ली में 35.11 लाख वाहन 20 साल से अधिक पुराने हैं।


वाहनों के डिजिटाइजेशन से पता चला है कि केरल में 34.64 लाख पुराने वाहन हैं। तमिलनाडु में 33.43 लाख, पंजाब में 25.38 लाख और पश्चिम बंगाल में 22.69 लाख है। महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में ऐसे वाहनों की संख्या 17.58 लाख से 12.29 लाख के बीच है।


वहीं, झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, पुदुचेरी, असम, बिहार, गोवा, त्रिपुरा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव में ऐसे वाहनों की संख्या 1 लाख से 5.44 लाख के बीच है। सेंट्रल डेटा के मुताबिक, बाकी राज्यों में ऐसे वाहनों की संख्या 1 लाख से कम है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण पर अंकुश के लिए ऐसे पुराने वाहनों पर जल्द ही ग्रीन टैक्‍स लगाने की तैयारी कर रही है।


रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर (Road Transport and Highways Minister) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने इस साल जनवरी में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्‍स लगाने का प्रस्ताव किया था। इस प्रस्ताव को राज्यों के पास विचार-विमर्श के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद औपचारिक रूप से नोटिफाइड किया जाएगा। मौजूदा समय में कुछ राज्यों/शासित प्रदेशों की ओर से कई दरों के आधार पर ग्रीन टैक्‍स लगाया जा रहा है।


स्कीम के तहत, 8 साल से अधिक पुराने वाहनों पर फिटनेस सर्टिफिकेशन के रिन्‍यूअल के समय रोड टैक्‍स के 10 से 25 फीसदी के बराबर टैक्‍स वसूला जा सकता है। निजी वाहनों पर 15 साल बाद रिन्यूअल के समय टैक्‍स लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट वहनों मसलन बसों आदि पर कम ग्रीन टैक्‍स लगाया जाएगा। बेहद प्रदूषित शहरों में रजिस्टर्ड वाहनों पर सबसे ज्यादा यानी रोड टैक्‍स के 50 फीसदी के बराबर टैक्‍स लगाने का प्रस्ताव है।


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