कश्मीर पर सऊदी अरब की निंदा कर घर में ही घिरे पाकिस्तानी विदेश मंत्री

हाल ही में 2 पाकिस्तान पत्रकारों Rauf Klasra और Amir Mateen ने पाकिस्तान के प्रति सऊदी अरब के रुख में आए अचानक बदलाव पर चर्चा की।
अपडेटेड Aug 11, 2020 पर 17:50  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कश्मीर मुद्दे को लेकर सऊदी अरब (Saudi Arabian Government) की निंदा करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) को अपने देश में ही आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। दोनों देशों में यह दूरी तब दिखाई दी जब पाकिस्तान को सऊदी अरब को 1 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 7500 करोड़ रुपये) का भुगतान करना पड़ा। कुरैशी की टिप्पणी यह दर्शाती है कि पाकिस्तान धीरे-धीरे अन्य मुस्लिम देशों का समर्थन खोता जा रहा है।


हाल ही में 2 पाकिस्तान पत्रकारों Rauf Klasra और Amir Mateen ने पाकिस्तान के प्रति सऊदी अरब (Saudi Arabia) के रुख में आए अचानक बदलाव पर चर्चा की। Amir Mateen ने इस तरह का बयान देने के लिए कुरैशी की आलोचना करते हुए कहा कि वह कभी-कभी भावनात्मक रूप से बोलते हैं और मामले को बहुत दूर तक ले जाते हैं।


मतीम ने कहा कि वित्तीय संकट में सऊदी अरब ही पाक का एकमात्र सहारा है, ऐसे में कुरैशी को उसके खिलाफ कोई भी बयान देने से पहले सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि चूंकि सऊदी अरब पाकिस्तान का दोस्त है, इसलिए वह कश्मीर पर उसी तरह का रुख अपनाएगा। हमें ध्यान रखना चाहिए कि यह एक कॉलेज नहीं है, बल्कि यह एक  international arena है।


क्या है पूरा मामला?


पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी द्वारा सार्वजनिक तौर पर सऊदी अरब की आलोचना करने के बाद पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान से उसे दिया गया 1 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने को कह दिया। साल 2018 में सऊदी ने पाकिस्तान को 3.2 अरब डॉलर का कर्ज दिया था, उसी में से यह हिस्सा मांग लिया गया।


पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि सऊदी ने पाक से अब एक बिलियन डॉलर और चुकाने के लिए कहा है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पाकिस्तान और सऊदी के बीच संबंधों में दरार आ रहा है? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने चीन से उधार लेकर सऊदी अरब से लिए कर्ज में से एक अरब डॉलर की किस्त समय से 4 महीने पहले ही चुका दी है, लेकिन बाकी कर्ज चुकाने के लिए भी वह चीन का मुंह देख रहा है।


कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब भारत के साथ


दरअसल, कुरैशी ने कहा था कि सऊदी अरब Organisation of Islamic Cooperation (OIC) में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ खड़ा नहीं होने दे रहा है। कुरैशी ने कहा था कि OIC कश्मीपर पर अपने विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक बुलाने में हीलाहवाली बंद करे। पाकिस्तामन कश्मीरर से अर्टिकल 370 के खात्मे  के बाद से ही 57 मुस्लिम देशों के संगठन OIC के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने के लिए लगातार सऊदी अरब पर दबाव डाल रहा है।


हालांकि, अभी तक पाकिस्तान को इस कोशिश में सफलता नहीं मिल पाई है। पाकिस्तातनी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, OIC की बैठक न होने के पीछे एक बड़ी वजह सऊदी अरब है। सऊदी अरब OIC के जरिए भारत को कश्मीर पर चित करने की पाकिस्ताीनी चाल में साथ नहीं दे रहा है। 


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