संसदीय पैनल ने कहा, लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाने पर ट्विटर का जवाब पर्याप्त नहीं

लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के लिए सदस्यों ने ट्विटर से सवाल पूछे
अपडेटेड Oct 29, 2020 पर 06:59  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को चीन के हिस्से के तौर पर दिखाने के संबंध में संयुक्त संसदीय समिति के सामने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है और यह आपराधिक कृत्य की तरह है जिसके लिए सात साल जेल की सजा का प्रावधान है। समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने बुधवार को यह बात कही। BJP सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधि डेटा सुरक्षा विधेयक, 2019 पर संसद की संयुक्त समिति के सामने पेश हुए और लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के लिए सदस्यों ने उनसे सवाल पूछे। लेखी ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है।


18 अक्टूबर को लद्दाख को दिखाया था चीन का हिस्सा


दरअसल, ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने 18 अक्टूबर को अपने प्लेटफॉर्म पर लेह-लद्दाख (Leh Ladakh) की Jio टैग लोकेशन को जम्मू-कश्मीर, चीन (China) में दिखाया था। जिसके बाद केंद्र सरकार के IT सचिव अजय साहनी ने ट्विटर के CEO जैक डोर्सी (Jack Dorsey) को इस मामले में कड़ी चेतावनी के साथ चिट्ठी लिखी थी। सरकार ने ट्विटर द्वारा भारत के नक्शे को गलत तरीके से दिखाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। ट्विटर ने इस मुद्दे पर सरकार के समक्ष सफाई पेश की थी, लेकिन अब इस मामले को देख रही समिति का कहना है कि ट्विटर की सफाई अपर्याप्त है।


हालांकि, संसदीय समिति ने कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधियों ने समिति को बताया कि सोशल मीडिया कंपनी भारत की भावनाओं का सम्मान करती है। लेखी ने कहा कि यह केवल संवेदनशीलता का मामला नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और अखंडता का मामला है, लद्दाख को चीनी भाग के तौर पर दिखाना आपराधिक कृत्य के समान है, जिसके लिए सात जेल की सजा का प्रावधान है।


ट्विटर के कई अधिकारी हुए पेश


ट्विटर इंडिया की ओर से समिति के सामने वरिष्ठ प्रबंधक, पब्लिक पॉलिसी शगुफ्ता कामरान, वकील आयुषी कपूर, पॉलिसी संचार अधिकारी पल्लवी वालिया और कॉरपोरेट सुरक्षा अधिकारी मनविंदर बाली पेश हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कानून एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी भी समिति के सामने उपस्थित हुए। भारत सरकार ने देश का गलत मानचित्र दिखाने को लेकर ट्विटर को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कहा था कि देश की संप्रभुता और अखंडता का असम्मान करने का ट्विटर का हर प्रयास अस्वीकार्य है।


सरकार ने दी सख्त चेतावनी


सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के सचिव अजय साहनी ने कहा कि इस तरह का कोई भी प्रयास न सिर्फ ट्विटर की प्रतिष्ठा को कम करता है, बल्कि यह एक माध्यम होने के नाते ट्विटर की निष्पक्षता को भी संदिग्ध बनाता है। अजय साहनी ने ट्विटर को दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया था कि लेह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर भारत के अभिन्न अंग हैं, जो भारत के संविधान द्वारा शासित हैं। साहनी ने ट्विटर को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सोशल साइट को भारत के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।


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