पासपोर्ट बनवाने के लिए दे सकेंगे Digilocker का लिंक, जल्द रोलआउट होगा e-passport, ऐसे बनाएं डिजिलॉकर अकाउंट

अब पासपोर्ट बनवाने के लिए आपको डॉक्यूमेंट्स की फिजिकल कॉपी जमा नहीं करानी पड़ेगी, इसके के बदले आप अपने डिजिटल लॉकर (Digital Locker) में अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स का लिंक दे सकते हैं
अपडेटेड Feb 21, 2021 पर 09:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अब पासपोर्ट बनवाने (Passport Services) के लिए आपको डॉक्यूमेंट्स की फिजिकल कॉपी जमा नहीं करानी पड़ेगी, इसके के बदले आप अपने डिजिटल लॉकर (Digital Locker) में अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स का लिंक दे सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने लोगों की सुविधा और पासपोर्ट सर्विसेज को पेपरलेस बनाने के लिए यह स्कीम लॉन्च की है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरण (V Muraleedharan) ने शुक्रवार को इस नई सेवा की शुरुआत की, जिससे अब आप भारत के किसी कोने से पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर सकेंगे। मंत्रालय ने कहा कि पिछले 6 साल में पासपोर्ट से संबंधित सेवाओं में काफी सुधार हुआ है।

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा कि जल्द ही लोगों के लिए ई-पासपोर्ट () लॉन्च करने की योजना है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षा मिलेगी और विदेशी एयरपोर्ट पर इमिग्रेशेन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकेगी। मंत्रालय ने कहा कि आगामी Passport Seva Programme V2.0 योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, चैटबॉट्स, रोबोटिक प्रॉसेस ऑटोमेशन जैसी एडवांस्ज टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जाएगा, जिससे लोगों तक ज्यादा प्रभावी तरीके से और आसानी से पासपोर्ट सेवाओं की डिलिवरी हो सकेगी।  

पेपरलेस गवर्नेंस की तरफ कदम

डिजिटल लॉकर (Digital Locker) जिसे डिजी लॉकर भी कहा जाता है, एक तरह का वर्चुअल लॉकर होता है, जिसमें आप अपने डॉक्यूमेंट्स जैसे एजुकेशनल सर्टिफिकेट्स, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, हेल्थ पॉलिसी या मोटर पॉलिसी, पैन कार्ड, वोटर आईडी सहित पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटली स्टोर कर सकते हैं। इसे जुलाई 2015 में लॉन्च किया गया था। इसमें यूजर को 1GB का डेडिकेटेड स्पेस मिलता है जिसमें आप अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित तरीके से स्टोर कर सकते हैं। यह आधार नंबर से लिंक्ड होता है। इससे देश पेपरलेस गवर्नेंस की तरफ कदम बढ़ा रहा है।

डिजी लॉकर के ये हैं फायदे

डिजी लॉकर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह डॉक्यूमेंट को फिजिकली कहीं भी ले जाने की झंझट के छुटकारा दिलाते हैं। इसके जरिये आप इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अपने डॉक्यूमेंट्स किसी के साथ शेयर कर सकते हैं। DigiLocker में डॉक्यूमेंट सेव करने के लिए सबसे पहले आपको उन डॉक्यूमेंट्स को स्कैन करना होगा, आप उन डॉक्यूमेंट्स की फोटो क्लिक कर सकते हैं और DigiLocker में सेव कर सकते हैं। इसके साथ ही डॉक्यूमेंट के बारे में संक्षिप्त विवरण लिख सकते हैं जिससे आपको फायदा होगा।

ऐसे क्रिएट करें डिजी लॉकर अकाउंट

• सबसे पहले digitallocker.gov.in वेबसाइट पर जाएं। लेकिन सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका फोन नंबर आधार के साथ रजिस्टर्ड है या नहीं। अगर फोन रजिस्टर्ड नहीं होगा तो आप इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
• इसके बाद Sign Up पर क्लिक करें और अपना नाम, बर्थ डेट, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ य ईमेल आईडी, पासवर्ड डालें। पासवर्ड आपको खुद बनाना होगा।
• इसके बाद 12 अंकों का आधार नंबर एंटर करें। जैसे ही आप आधार नंबर एंटर करेंगे आपको 2 विकल्प मिलेंगे। OTP और फिंगरप्रिंट। आप इनमें से किसी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
• जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वैसे ही आपको यूजरनेम और पासवर्ड क्रिएट करने के लिए कहा जाएगा, जिसकी मदद से आप DigiLocker को लॉग-इन कर सकेंगे। 

ऐसे अपलोड करें डॉक्यूमेंट

• DigiLocker को लॉग-इन करने के बाद आपके पर्सनल अकाउंट में दो सेक्शन दिखाई देंगे।
• पहले सेक्शन में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा जारी सर्टिफिकेट, उनके यूआरएल(लिंक), जारी करने की तिथि और शेयर करने का विकल्प मिलेगा।
• वहीं, दूसरे सेक्शन में आपके द्वारा अपलोड किए गए सर्टिफिकेट, उनका संक्षिप्त विवरण और शेयर व ई-साइन का विकल्प होगा।
• डॉक्यूमेंट अपलोड करने के लिए दिए गए विकल्पों में से उचित को विकल्प चुनें।
• अगर आप सर्टिफिकेट अपलोड करना चाहते हैं तो माई सर्टिफिकेट पर क्लिक करें। इसके बाद अपलोड डॉक्युमेंट पर क्लिक कर अपने सर्टिफिकेट को चुनें।
• इसके बाद मांगी गई जानकारियां भरें। ऐसे आप अपने सारे डक्यूमेंट डिजिटल लॉकर में अपलोड कर सकते हैं।

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