ACC Battery की मैन्युफैक्चरिंग के लिए 18,100 करोड़ रुपये का PLI स्कीम नोटिफाई, इन कंपनियों को नहीं मिलेगी लाभ

केंद्र सरकार ने सरकार ने ACC Batteries से संबंधित 18,100 करोड़ रुपये के PLI Scheme को नोटिफाई कर दिया है
अपडेटेड Jun 22, 2021 पर 09:50  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार ने एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC Batteries) बैटरियों से संबंधित 18,100 करोड़ रुपये के PLI Scheme को नोटिफाई कर दिया है। इस योजना के तहत इन्सेंटिव केवल उन कंपनियों को मिलेगा जिन्हें नेशनल प्रोग्राम ऑन एसीसी बैटरीज के तरह ट्रांसपैरेंट तरीके से बैटरी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए चुना गया था।

हैवी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस PLI Scheme का फायदा उन परंपरागत बैटरी पैक बनाने वाली कंपनियों को नहीं मिलेगा, क्योंकि इस तरह की बैटरी का उत्पादन पहले से ही देश मे हो रही हैं। आपको बता कें कि एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC Batteries के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने मई में इस PLI योजना को मंजूरी दी थी।

आपको बता दें क ACC नए जनरेशन की एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी है। यह इलेक्ट्रिक एनर्जी को इलेक्ट्रोकेमिकल या केमिकल एनर्जी के रूप में स्टोर कर सकती है और जरूरत होने पर इसे वापस इलेक्ट्रिक एनर्जी में बदल सकती है। अभी देश में ACC बैटरी की जरूरकों को विदेश से इंपोर्ट करके पूरा किया जाता है।

मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, जिस कंपनी को यह इन्सेंटिव मिलेगा उसे कम से कम 9 गीगावॉट घंटे (GWh) ACC मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी यानी यूनिट स्थापित करनी होगी। इन्सेंटिव पाने वीली कंपनी के लिए वार्षिक नकद सब्सिडी की सीमा 20 GWh) होगी। यह स्कीम को राष्ट्रीय एसीसी बैटरी स्टोरेज कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है।

इस स्कीम के तहत कंपनी को कम से कम 25% डोमेस्टिक वैल्य़ू एडिशन करने होगा और 2 साल के भीतर 225 करोड़ रुपये का अनिवार्य निवेश भी करना होगा। डोमेस्टिक वैल्य़ू एडिशन को 5 साल के भीतर बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक पहुंचाना होगा।

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