पीएम मोदी ने लॉन्च किया गरीब कल्याण रोजगार अभियान, प्रवासी मजदूरों से की बातचीत

गरीब कल्याण रोजगार अभियान देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में लागू किया जाएगा, जिसमें 125 दिन काम मिलेगा
अपडेटेड Jun 22, 2020 पर 08:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 50 हजार करोड़ रुपये वाली गरीब कल्याण रोजगार अभियान लॉन्च कर दिया। इस योजना के जरिए कोरना वायरस लॉकडाउन के कारण जिन मजदूरों को काम छोड़कर अपने घर आना पड़ा, उन्हें काम दिया जाएगा। इसकी लॉन्चिंग के दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इसके साथ ही स्कीम से संबंध रखने वाले मंत्रालय भी शामिल हुए।


इस स्कीम में मजदूरों को 125 दिन काम मिलेगा। जिसमें 25 प्रकार के काम कराए जाएंगे। इसे देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रेदेश, राजस्थान, झारखंड और ओड़िशा शामिल हैं। गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत  50 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन पैसों से गांवों में रोजगार पैदा होगा।


कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले पीएम मोदी ने लद्दाख में शहीद हुए जवानों की पराक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया है, मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है।  हर बिहारी को इसका गर्व होता है। जिन सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं।


पीएम मोदी ने कहा कि गरीब कल्याण रोज़गार अभियान से गरीबों के आत्मसम्मान की सुरक्षा होगी। साथ ही आपकी मेहनत से गांव का भी विकास होगा।


आज आपका ये प्रधान सेवक इसी सोच के साथ, इसी संकल्प के साथ आपके मान और सम्मान के लिए काम कर रहा है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज में किसानों की फसल रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। किसानों को सीधे बाज़ार से जोड़ा जाएगा, इसके लिए भी 1 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की गई है। जब किसान बाज़ार से जुड़ेगा, तो अपनी फसल को ज्यादा दामों पर बेचने के रास्ते भी खुलेंगे।


मजदूरों के लिए यह आइडिया कहां से आया, इस पर पीएम मोदी ने बताया कि मैंने मीडिया में उन्नाव जिले की एक खबर देखी थी, जिसमें एक क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन हुए श्रमिक भाईयों ने अपने कौशल का इस्तेमाल करते हुए रंगाई-पुताई कर उस स्कूल का हुलिया बदल दिया। इससे मुझे आइडिया मिला। और वहीं से इस योजना(गरीब कल्याण रोजगार अभियान) का जन्म हुआ। 


पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि 6 लाख से ज्यादा गांवों वाला देश भारत जहां की दो तिहाई से ज्यादा आबादी लगभग 80-85 करोड़ लोग गांवों में रहते हैं। उस ग्रामीण भारत ने कोरोना संक्रमण को बड़े प्रभावी तरीके से रोका है। ये जनसंख्या यूरोप के सारे देशों को मिला दें तो भी उससे ज्यादा है।


प्रवासी मजदूरों से बातचीत करते हुए बिहार की एक महिला ने बताया कि वो 12वीं तक पढ़ाई की है, आगे वह मधुमक्खी पालन का बिजनेस करना चाहती है। पहले ये महिला दिल्ली में अपने पति के साथ काम करती थी। लॉकडाउन के चलते काम बंद हो गया। फिर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अपने घर लौटी है।   


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