NITI Aayog की बैठक में बोले PM मोदी- बजट पर पॉजिटिव रिस्पांस ने बता दिया देश का मूड

PM मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए NITI Aayog की 6वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की
अपडेटेड Feb 21, 2021 पर 08:22  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नीति आयोग (NITI Aayog) की 6वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों को ही मिल कर करना होगा, तभी देश का विकास होगा। साथ ही उन्होंन ये भी कहा इस साल बजट (Budget 2021) पर जो पॉजिटिव रिस्पांस आया, उसने राष्ट्र का मूड क्या है, उसके बारे में भी बता दिया है।


पीएम मोदी ने कहा, "हमने कोरोना (Coronavirus) कालखंड में देखा कि कैसे राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर काम किया, देश सफल हुआ। दुनिया में भारत की एक अच्छी छवि का निर्माण हुआ।"


गवर्निंग काउंसिल की बैठक में और क्या बोले PM मोदी:


- इस साल के बजट पर जिस तरह का पॉजिटिव रिस्पांस आया है, उसने जता दिया है कि "मूड ऑफ द नेशन" क्या है। देश मन बना चुका है। देश तेजी से आगे बढ़ना चाहता है, देश अब समय नहीं गंवाना चाहता है।


- हम ये भी देख रहे हैं कि कैसे देश का प्राइवेट सेक्टर, देश की इस विकास यात्रा में और ज्यादा उत्साह से आगे आ रहा है। सरकार के नाते हमें इस उत्साह का, प्राइवेट सेक्टर की ऊर्जा का सम्मान भी करना है और उसे आत्मनिर्भर भारत अभियान में उतना ही अवसर भी देना है।


- आत्मनिर्भर भारत अभियान, एक ऐसे भारत का निर्माण का मार्ग है जो न केवल अपनी आवश्यकताओं के लिए बल्कि विश्व के लिए भी उत्पादन करे और ये उत्पादन विश्व श्रेष्ठता की कसौटी पर भी खरा उतरे।


- केंद्र सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स के लिए PLI स्कीम शुरू की हैं। ये देश में मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने का बेहतरीन अवसर है। राज्यों को भी इस स्कीम का पूरा लाभ लेते हुए अपने यहां ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करना चाहिए।


- बीते वर्षों में कृषि से लेकर, पशुपालन और मत्स्यपालन तक एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया है। इसका परिणाम है कि कोरोना के दौर में भी देश के कृषि निर्यात में काफी बढोतरी हुई है।


- आज जब देश अपनी आज़ादी के 75 वर्ष पूरे करने जा रहा है तब गवर्निंग काउंसिल की बैठक और महत्वपूर्ण हो गई है। मैं राज्यों से आग्रह करूंगा कि आज़ादी के 75 वर्ष के लिए अपने-अपने राज्यों में समाज के सभी लोगों को जोड़कर समितियों का निर्माण हो।


- 2014 के बाद से गांव और शहरों को मिलाकर 2 करोड़ 40 लाख से ज़्यादा घरों का निर्माण किया गया है। देश के 6 शहरों में आधुनिक तकनीक से घर बनाने का एक अभियान चल रहा है। एक महीने में नई तकनीक से अच्छे घर बनाने के नए मॉडल तैयार होंगे।


- पानी की कमी और प्रदूषित पानी से होने वाली बीमारी लोगों के विकास में बाधा न बने इस दिशा में मिशन मोड में काम हो रहा है। जल मिशन के बाद से साढ़े 3 करोड़ से भी अधिक ग्रामीण घरों को पाइप वाटर सप्लाई से जोड़ा जा चुका है।


- हमें कृषि प्रधान देश कहे जाने के बावजूद भी आज 65,000-70,000 करोड़ का खाद्य तेल हम बाहर से लाते हैं। हम ये बंद कर सकते हैं, हमारे किसानों के खाते में पैसा जा सकता है। इन पैसों का हकदार हमारा किसान है लेकिन इसके लिए हमें अपनी योजनाएं उस तरह से बनानी होंगी।


- इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए फंड की भी काफी चर्चा हो रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला ये खर्च देश की अर्थव्यवस्था को कई स्तर पर आगे बढ़ाने का काम करेगा और रोज़गार के कई अवसर प्रदान करेगा।


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