India-China Border Faceoff: मेड इन इंडिया के सपोर्ट में रेलवे ने चाइनीज कंपनी के साथ तोड़ा करार

रेलवे के अलावा टेलीकॉम कंपनियों ने भी चाइनीज इक्विपमेंट का इस्तेमाल घटाने का फैसला किया है
अपडेटेड Jun 19, 2020 पर 10:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत-चीन सीमा पर सोमवार आधी रात को हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद देशभर में चीनी कंपनियों और चीनी गुड्स का बहिष्कार शुरू हो गया है। ऐसे में भारतीय रेलवे ने एक अहम कदम उठाते हुए चीनी कंपनी के साथ अपना करार तोड़ लिया है। रेलवे का यह करार बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्युनिकेशंस ग्रुप के साथ था। इस डील के तहत चाइनीज कंपनी को 471 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। इसकी फंडिंग वर्ल्ड बैंक के लोन के जरिए होनी थी। चाइनीज कंपनी को यह कॉन्ट्रैक्ट जून 2016 में दिया गया था।


रेलवे के अलावा टेलीकॉम मिनिस्ट्री ने भी चाइनीज इक्विपमेंट पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL को कहा गया है कि वह 4G नेटवर्क के अपग्रेडेशन में चाइनीज इक्विपमेंट का इस्तेमाल ना करे। पीएम मोदी ने भी आज कहा कि कोरोनावायरस की वजह से देश आत्मनिर्भर हुआ है। विदेश मंत्रालय आज शाम 5 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है। इसमें सोमवार को हुई हिंसक झड़प के बारे में ब्योरा दिया जा सकता है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।