RBI ने यूनिवर्सल बैंकों और SBFs के आवेदन का मूल्यांकन करने के लिए बनाई समिति, ये हैं इस पैनल में शामिल

RBI ने यूनिवर्सल बैंकों और SFBs के लाइसेंस के लिए आवेदनों का मूल्यांकन करने के लिए एक स्थायी सलाहकार समिति का गठन किया है
अपडेटेड Mar 23, 2021 पर 09:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने यूनिवर्सल बैंकों (Universal Banks) और स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks- SFBs) के लाइसेंस के लिए वित्तीय संस्थानों और कंपनियों के आवेदन का मूल्यांकन (evaluate) करने के लिए एक पैनल यानी स्थायी सलाहकार समिति (Standing External Advisory Committee- SEAC) का गठन कर दिया है।

सोमवार को आवेदन का मूल्यांकन करने के लिए RBI ने जिस स्थायी सलाहकार समिति का गठन किया है, उसका चेयरमैन RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ ( Shyamala Gopinath) को बनाया गया है। यह समिति रेगुलर बेसिस पर आवेदन करने वाली योग्य कंपनियों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को बैंकिंग का लाइसेंस (on-tap licensing) प्रदान करेगी।

RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ के साथ इस पैनल में RBI सेंट्रल बोर्ड के डायरेक्टर रेवती अय्यर (Revathy Iyer), नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के चेयरमैन बी महापात्रा (B. Mahapatra), केनरा बैंक के पूर्व चेयरमैन टीएन मनोहरन (T.N. Manoharan) को शामिल किया गया है।

इनके अलावा SBI के पूर्व MD और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के पूर्व चैयरमैन हेमंत कॉन्ट्रैक्टर (Hemant G. Contractor) भी इस पैनल के सदस्य होंगे। यह पैनल इस बात की जांच करेगी कि आवेदन करने वाली संस्था या कंपनी यूनिवर्सल बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस प्राप्त करने के योग्य है या नहीं। इस स्थायी सलाहकार समिति (SEAC) का कार्यकाल 3 साल का होगा।

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