RBI पर भरोसा करे बाजार, रिजर्व बैंक समय से पहले Market से लिक्विडिटी नहीं निकालेगी: Shaktikanta Das

RBI गवर्नर ने कहा, हमारे पास लिक्विडिटी को मैनेज करने के कई टूल्स हैं और हम प्रीमैच्योरली बाजार से लिक्विडिटी के नहीं निकालने जा रहे हैं
अपडेटेड Feb 25, 2021 पर 09:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा कि केंद्र सरकार और RBI ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई स्थिति को काफी बेहतर तरीके से संभाला और वे सभी कदम उठाये गए जो जरूरी थे। CNBC-TV18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बाजार को भरोसा दिलाया कि रिजर्व बैंक समय से पहले बाजार में मौजूद तरलता (Liquidity) को नहीं वापस नहीं खींचेगी। RBI गवर्नर ने कहा, हमारे पास लिक्विडिटी को मैनेज करने के कई टूल्स हैं और हम प्रीमैच्योरली यानी समय से पहले बाजार से लिक्विडिटी के नहीं निकालने जा रहे हैं, बाजार RBI पर भरोसा करे।
 
शक्तिकांत दास ने कहा कि बाजार को RBI पर भरोसा करना चाहिए। हम प्रीमैच्योरली लिक्विडिटी को पुलआउट नहीं कर रहे हैं, ताकि इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार पर ब्रेक लगे। हमारे पास लिक्विडिटी को मैनेज करने के कई तरीके हैं। उन्होंने कहा कि हमारा आगे का मार्गदर्शन पहले से कहीं अधिक स्पष्ट है और तरलता पर कुछ सूक्ष्म संदेश हैं जिन्हें बाजार को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार में इस समय जो लिक्विडिटी मौजूद है, वे उससे संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम लिक्विडिटी को मैनेज करने के लिए नए टूल्स का इस्तेमाल करेंगे।

क्रिपटोकरेंसी से फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को खतरा

क्रिप्टोकरेंसी में हाल के दिनों में आई रिकॉर्ड तेजी से चिंतित शक्तिकांत दास ने कहा, क्रिप्टोकरेंसी देश की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि RBI ने इससे जुड़ी सभी चिंताओं से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है। केंद्र सरकार देश मे सभी तरह के क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने के लिए सख्त कानून बनाने जा रही है। RBI की योजना खुद की डिजिटल करेंसी लॉन्च करने की है। हालांकि, RBI गवर्नर ने यह नहीं बताया कि सरकारी डिजिटल करेंसी कब रोलआउट होगी।

पेट्रोल और डीजल पर टैक्स घटाये सरकार: शक्तिकांत दास

पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर विपक्ष से लेकर आम जनता तक यह मांग कर रही है कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाया जाए। इस बीच RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी टैक्स घटाकर कीमतों को काबू करने का सुझाव दिया है। RBI की हाल में हुई मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक (MPC) में शक्तिकांत दास ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वो इनडायरेक्ट टैक्सेज में कटौती करें, ताकि पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाई जा सकें। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर से टैक्स को धीरे-धीरे कम करना जरूरी है, ताकि इकोनॉमी के ऊपर से कीमतों का दबाव हटाया जा सके। 

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