Economy पर दोहरी मार: रिटेल महंगाई दर मार्च में बढ़कर 5.52%, IIP फरवरी में 3.6% गिरा

एक तरफ जहां मार्च, 2021 में रिटेल महंगाई दर बढ़ी है, वहीं फरवरी, 2020 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भारी गिरावट आई है
अपडेटेड Apr 13, 2021 पर 08:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस के बेकाबू होते हालात के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ जहां मार्च, 2021 में रिटेल महंगाई दर बढ़ी है, वहीं फरवरी, 2020 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भारी गिरावट आई है। सोमवार को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics & Programme Implementation) द्वारा जारी आंकडों के मुताबिक, मार्च में महंगाई दर बढ़कर .52% पर पहुंच गई है। वहीं, फरवरी में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन रेट में 3.6% की गिरावट दर्ज की गई।

यह लगातार चौथा महीना है जब कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित रिटेल इंफ्लेशन RBI द्वारा तय किए गए ब्रैक्ट में है। RBI ने अगले 5 साल के लिए रिटेल इंफ्लेशन को 4% से 6% के बीच रखने का टार्गेट रखा है। आपको बता दें कि फरवरी, 2021 में रिटेल महंगाई दर 5.03% और जनवरी, 2021 में 4.06% पर था।

सांख्यिकी मंत्रालय के आंकडों के मुताबिक, फैक्टरी आउटपुट में जनवरी, 2021 में सालाना आधार पर 1.6% की गिरावट आई थी। लेकिन फरवरी में इसमें 3.6% की गिरावट दर्ज की गई है और यह 129.4 अंकों पर आ गया है।

जबकि, फरवरी 2020 में IIP में 5.2% की तेजी आई थी। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक औद्योगिक उत्पादन में 11.3% की गिरावट आई है। जबकि वर्ष 2019-20 में 1% की तेजी देखी गई थी।

फरवरी, 2021 में IIP में गिरावट मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर के आउटपुट में कमी आने की वजह से आई है। मैन्युफैक्चरिंग में फरवरी में 3.7% की गिरावट आई और यह 129.3 अंकों पर रहा। वहीं, माइनिंग सेक्टर में 5.5% की गिरावट दर्ज की गई और यह लुढ़ककर 116.5 अंकों पर आ गया।

जबकि, इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर के आउटपुट में 0.1% की बढ़ोतरी हुई और यह 153.9 अंकों पर पहुंच गया। जबकि फरवरी, 2020 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 3.8%, माइनिंग सेक्टर में 9.6% और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में 11.5% की तेज ग्रोथ दर्ज की गई थी।

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