SEBI ने NDTV के प्रोमोटर्स पर लगाया 27 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानिए क्या है मामला?

यह जुर्माना शेयरधारकों से कुछ लोन एग्रीमेंट से संबंधित सूचनाओं को छिपाकर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के लिए लगाया गया है
अपडेटेड Dec 26, 2020 पर 13:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मार्केट रेगुलेटर सेबी (Securities and Exchange Board of India, SEBI) ने NDTV के प्रोमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय (Prannoy Roy and Radhika Roy) के अलावा RRPR होल्डिंग पर नियामकीय नियमों (Regulatory Norms) के उल्लंघन के लिए कुल 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इन पर यह जुर्माना शेयरधारकों से कुछ लोन करारों (Loan Agreements) से संबंधित सूचनाओं को छिपाकर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के लिए लगाया गया है।


RRPR होल्डिंग नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (New Delhi Television Ltd, NDTV) की प्रोमोटर इकाई (Promoter Entity) है। सेबी के अनुसार कुछ लोन करारों में ऐसे प्रावधान थे जो NDTV के शेयरधारकों की दृष्टि से प्रतिकूल थे। SEBI ने कहा कि उसने इस मामले की जांच NDTV की एक शेयरधारक क्वान्टम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड (Quantum Securities Pvt Ltd) से 2017 में शिकायत मिलने के बाद शुरू की थी।


क्वान्टम ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने VCPL (Vishvapradhan Commercial Private Ltd) के साथ लोन करारों के बारे में शेयरधारकों से सूचनाओं का खुलासा नहीं किया है। एक लोन एग्रीमेंट ICICI बैंक तथा दो अन्य करार VCPL के साथ किए गए थे। सेबी के अनुसार, VCPL के साथ 350 करोड़ रुपये के लोन का एक करार 2009 में किया गया था। यह करार ICICI बैंक का कर्ज चुकाने के लिए था।


VCPL के साथ दूसरा 53.85 करोड़ रुपये का लोन करार एक साल बाद किया गया था। सेबी ने अपने 52 पेज के आदेश में कहा कि इन लोन करारों में ऐसे प्रावधान और शर्तें थीं जिनसे NDTV का कामकाज उल्लेखनीय रूप से प्रभावित हुआ। इसके अलावा एक लोन करार की शर्त के जरिए VCPL को अप्रत्यक्ष तरीके से वॉरंट को RRPR होल्डिंग के शेयर में बदलकर NDTV में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने की अनुमति दी गई थी।


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