Semiconductor Shortage: जनवरी 2022 से कम हो सकती है सेमीकंडक्टर की कमी, गड़ियों के प्रोडक्शन पर पड़ा बड़ा असर

सप्लायर्स ने उम्मीद जताई है कि सितंबर 2022 तक, इनकी लागत अक्टूबर-नवंबर 2020 के लेवल पर वापस पहुंच जाएगी
अपडेटेड Sep 24, 2021 पर 18:09  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कुछ टॉप ऑटो पार्ट्स सप्लायर्स ने कहा कि सेमीकंडक्टर (Semiconducters) की कमी, जिसने ऑटोमोटिव प्रोडक्शन को काफी रोक दिया है, वो जनवरी से कम होना शुरू हो जाएगी और अगले साल उसी समय तक स्थिर हो जाएगी। इन चिप्स कीमतें पहले से ही स्थीर होनी शुरू हो गई है। इनका काम एयरबैग लगाने में मदद करना, एंटरटेनमेंट यूनिट्स और पावर बैकअप कैमरों को कंट्रोल करना होता है। उम्मीद है कि, सितंबर 2022 तक, इनकी लागत अक्टूबर-नवंबर 2020 के लेवल पर वापस पहुंच जाएगी।


कोयंबटूर स्थित टियर 1 पार्ट निर्माता, प्रिकोल के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम मोहन ने कहा, "जनवरी 2021 से, समस्या केवल बदतर होती गई। अभी, शायद, हम प्रोडक्शन की कमी और नुकसान के मामले में चरम पर हैं। हमारा मानना ​​है कि दूसरी और तीसरी तिमाही इंडस्ट्री के लिए काफी कठिन होने वाली है।" मोहन ने आगे कहा, "हमें उम्मीद ​​है कि जनवरी से दबाव थोड़ा कम होगा और अगले साल अगस्त-सितंबर में और ढील दी जाएगी।"


प्रिकोल दो और चार पहिया वाहन निर्माताओं को सेमीकंडक्टर से चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक यूनिट्स, जैसे टेलीमैटिक्स और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर की सप्लाई करती है। कंपनी के टर्नओवर का करीब 45 फीसदी ऐसे कंपोनेंट्स पर निर्भर है।


दिल्ली स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माता ने कहा, "हम सेमीकंडक्टर निर्माताओं के साथ काम कर रहे हैं। कुछ हफ्ते पहले की तुलना में अब सप्लाई की बहुत ज्यादा जरूरत है। अब जाकर कुछ कीमत स्थिर हुई है, ये कीमत जनवरी से उत्तर की तरफ बढ़ रही थी।"


मांग तेजी से बढ़ने और सप्लाई सीमित होने से चिप्स की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। Tier-1 सप्लायर्स के अनुसार, प्री-कोविड लेवल की तुलना में सेमीकंडक्टर्स की कीमतों में 200-1,500 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।


चिप की कमी ने मारुति सुजुकी और उसकी सहयोगी कंपनी सुजुकी मोटर गुजरात को सितंबर में अपने तीनों प्लांट्स में प्रोडक्शन में कमी करने के लिए मजबूर किया है, जिससे प्रोडक्शन में 60 प्रतिशत की कमी आई है।


यूटिलिटी व्हीकल स्पेशलिस्ट महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) सितंबर में योजना से 20-25 फीसदी कम प्रोडक्शन करेगी। वहीं टाटा मोटर्स ने भी आने वाले महीनों में प्रोडक्शन और ऑफ टैक वॉल्यूम में नरमी के बारे में बात की।


महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के CEO, विजय नाकरा ने कहा, "COVID-19 और सेमीकंडक्टर्स की कमी के कारण, दुनिया भर में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री प्रभावित हुआ है। भले ही इंडस्ट्री इस मुद्दे को हल करने के लिए अथक प्रयास कर रही है, लेकिन हमारा मानना है कि इसक असर लंबे समय तक दिखेगा। M&M में, हम प्राथमिकता के आधार पर चुनौती का समाधान करने के लिए विश्वसनीय और नए तरीके खोज रहे हैं।"


चिप सप्लाई के मुद्दे को कम करने के लिए, जिसने टू-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माताओं को भी प्रभावित किया है। इसके अलावा, OEM सप्लाई बेहतर बनाने के लिए सेमीकंडक्टर निर्माताओं के साथ सीधी बातचीत कर रहे हैं। OEM चिप्स के लिए सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स पर साइन भी कर रहे हैं, जो 12 महीने बाद डिलीवर किए जाएंगे।


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