Hurun India Rich List: टॉप पर मुकेश अंबानी, सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक ने भी बनाई जगह

LIC एजेंट के रूप में करियर की शुरुआत करने वाले सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक लक्ष्मण दास मित्तल ने आईआईएफएल वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2020 में जगह बनाने में कामयाबी पाई है
अपडेटेड Sep 30, 2020 पर 10:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

LIC एजेंट से करियर की शुरुआत करने वाले सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक लक्ष्मण दास मित्तल (Lachman Das Mittal) ने आईआईएफएल वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2020 (IIFL Wealth Hurun India Rich List 2020) में जगह बनाने में कामयाबी पाई है। इस लिस्ट में 164वें नंबर पर हैं। इस लिस्ट में 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक संपत्ति वाले भारत के सबसे धनी लोगों को शामिल किया जाता है। इस साल भी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी टॉप पर हैं। मुकेश अंबानी की कुल आय 6,58,400 करोड़ रुपए है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 12 महीनों में उनकी कुल संपत्ति में 73% की बढ़ोतरी हुई है और लॉकडाउन लगने के बाद से उनकी संपत्ति हर घंटे 90 करोड़ रुपये बढ़ी है।

2020 के हुरुन इंडिया रिच लिस्ट एडिशन में कुल 828 भारतीयों को शामिल किया गया है। इस लिस्ट में मुकेश अंबानी के बाद हिंदुजा ब्रदर्स का स्थान है। लंदन स्थित हिंदुजा ब्रदर्स 1,43,700 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, लिस्ट में तीसरे स्थान पर 1,41,700 करोड़ की संपत्ति के साथ HCL के संस्थापक शिव नाडर हैं। 1,40,200 करोड़ की संपत्ति के साथ गौतम अडाणी और उनका परिवार चौथे स्थान पर और पांचवें स्थान पर विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी हैं। अजीम प्रेमजी की कुल संपत्ति 1,14,400 करोड़ रुपये है।

इस लिस्ट में छठे स्थान पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साइरस एस पूनावाला हैं। उनकी संपत्ति 94,300 करोड़ रुपये है। वहीं, एवेन्यू सुपरमार्ट्स के संस्थापक राधाकिशन दमानी को हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2020 में सातवें स्थान पर जगह मिली है। टॉप 10 की सूची में अन्य नामों में कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक, सन फार्मा के दिलीप सांघवी और शापूरजी पालोनजी मिस्त्री ग्रुप के साइरस पालोनजी मिस्त्री मिस्त्री शामिल हैं।

पिता ने आंसुओं ने दिखाया कामयाबी का रास्ता

पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले 89 साल के लक्ष्मण दास मित्तल ने 1962 में LIC एजेंट की नौकरी छोड़कर थ्रेसर बनाना शुरू किया। लेकिन उनकी यह कोशिश कामयाब नहीं हुई और साल भर के भीतर ही थ्रेसर बनाने का उनका धंधा चौपट हो गया। मजबूरन लक्ष्मीदास मित्तल को खुद को दिवालिया घोषित करना पड़ा। बिजनेस में घाटा होने पर अपने पिता को रोते देखा। इसके बाद उन्होंने फिर से यह काम शुरू किया और सोनालिका ग्रुप की नींव पड़ी, जो आज भारत की तीसरी बड़ी ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी है। सोनालिका ग्रुप के चेयरमैन लक्ष्मीदास मित्तल के पिता मंडी में डीलर थे। इस काम से जो कमाई होती थी, उसी से पूरा घर चलता था। लेकिन आज वे देश के 164वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

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