Jammu-Kashmir: पत्थरबाजी में शामिल युवाओं को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, पासपोर्ट वेरिफिकेशन भी नहीं होगा

पत्थरबाजों और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोगों को अब विदेश जाने का मौका नहीं मिलेगा
अपडेटेड Aug 02, 2021 पर 08:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Jammu and Kashmir: जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों और पत्थरबाजों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जम्मू और कश्मीर की सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेश में पत्थरबाजी और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों को पासपोर्ट के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिलेगा।


साथ ही जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी में शामिल लोगों को सरकारी नौकरी भी नहीं मिल पाएगी। आदेश में कहा गया है कि अधिकारी सभी डिजिटल सबूत और पुलिस रिकॉर्ड को ध्यान में रखेंगे। अधिकारियों को सभी सबूतों को इकट्ठा करने और उनकी विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है।


इस संबंध में कश्मीर CID (Criminal Investigation Department) ने सर्कुलर जारी कर दिया है। इस सर्कुलर में कहा गया है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को सिक्योरिटी क्लियरेंस न दिया जाए।


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सर्कुलर में कहा है कि पासपोर्ट, सरकारी नौकरी या सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में किसी व्यक्ति की सिक्योरिटी क्लीयरेंस की रिपोर्ट तैयार की जाए, तो उस वक्त इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि वो शख्स पत्थरबाजी, कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी दूसरे अपराध में शामिल न रहा हो।


इसमें कहा गया है कि अगर कोई ऐसी गतिविधियों में पाया जाता है तो उसे सिक्योरिटी क्लीयरेंस न दिया जाए। अधिकारियों को सभी डिजिटल सबूत और पुलिस रिकॉर्ड को ध्यान में रखने के लिए निर्देश दिया गया है।


सर्कुलर में आगे कहा गया है कि ऐसे शख्स की पहचान के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन से भी रिपोर्ट ली जाए। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के पास भी CCTV फुटेज, तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो और क्वाडकॉप्टर के जरिए ली गईं तस्वीरों से भी मदद ली जाए।


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