Delhi Violence: दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड निकला AAP का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, ऐसे रची थी साजिश

Delhi Violence: दंगे के लिए कांच की बोतलें, पेट्रोल, तेजाब और पत्थर समेत कुछ अन्य प्रतिबंधित सामग्री जमा करने के काम ताहिर हुसैन को सौंपा गया था
अपडेटेड Aug 03, 2020 पर 19:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की IR (Interrogation Report) के अनुसार, Aam Aadmi Party (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) ने यह स्वीकार किया है कि इस साल फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए लोगों को भड़काने में उनका हाथ था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CAA और NRC के विरोध में फरवरी में हुए सांप्रदायिक दंगों में ताहिर हुसैन ने अपने 3 साल पुराने मंसूबे को अंजाम देने की साजिश रची। पुलिस ने दावा किया है कि पूछताछ में ताहिर हुसैन ने कबूला है कि वह दूसरे धर्म विशेष के लोगों को करीब 3 सालों से सबक सिखाने का मौका ढूंढ रहा था।


ताहिर को मिला खालिद सैफी और PFI का साथ


सरकारी कबूलनामे में इसका भी जिक्र है कि राष्ट्रीय राजधानी में सांप्रदायिक दंगे को अंजाम देने में ताहिर हुसैन को खालिद सैफी (Khalid Saifi) और Popular Front of India (PFI) का पूरा साथ भी मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर ने दिल्ली पुलिस को पूछताछ में बताया है कि वो 8 जनवरी को JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद (Umar Khalid) से शाहीन बाग (Shaheen Bagh) स्थित PFI के ऑफिस में मिला था।


पुलिस के मुताबिक, दंगे के लिए कांच की बोतलें, पेट्रोल, तेजाब और पत्थर समेत कुछ अन्य प्रतिबंधित सामग्री जमा करने के काम ताहिर हुसैन को सौंपा गया था, जो उसने अपने घर की छत पर जमा किए थे। पुलिस का दावा है कि अपने कबूलनामे में ताहिर ने यह बात स्वीकार की है कि उनके एक सहयोगी खालिद सैफी और PFI ने भी इस हिंसा को अंजाम देने में उनकी मदद की।


हिंदुओं के खिलाफ रची थी साजिश!


ताहिर ने कबूल किया है कि मेरे जानकार खालिद सैफी ने कहा था कि तुम्‍हारे पास राजनीतिक पावर और पैसा दोनों है, जिसका इस्तेमाल हिंदुओं के खिलाफ और अपने कौम के लिए करेंगे। मैं इसके लिए हमेशा तैयार रहूंगा। AAP के निलंबित पार्षद ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद खालिद सैफी मेरे पास आया और उसने बोला कि इस बार अब हम चुप नहीं बैठेंगे। इसी बीच अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर के फैसले के साथ CAA भी आ गया। अब मुझे लगा कि पानी सिर से ऊपर जा चुका है। अब तो कुछ कदम उठाना पड़ेगा।


ट्रंप के दौरे के समय बड़ा करना होगा


ताहिर हुसैन के कबूलनामे के मुताबिक, खालिद सैफी ने कहा था कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान ही कुछ बड़ा करना है, ताकि सरकार घुटने टेक दे। जबकि मैंने सैफी को बताया था कि हमने कबाड़ी से शराब और कोल्डड्रिंक की खाली बोतले लेकर छत पर इकट्ठा करना शुरू कर दी हैं। वहीं, घर के पास चल रही कंस्‍ट्रक्‍शन साइट से पत्थर जुटाकर छत पर रखवा रहा हूं। इसके अलावा अपनी चारों गाड़ियों में फुल पेट्रोल और डीजल भरकर ले आऊंगा, ताकि बोतलों में पेट्रोल-डीजल भरकर बम की तरह उसे वक्त आने पर इस्तेमाल किया जाए।


बम फेंकने के लिए मजदूरों को किया तैयार


ताहिर ने बताया कि इसके साथ ही मैंने कहा कि मैं अपने मजदूरों को तैयार कर रहा हूं, ताकि वो दंगे के दौरान बम और पत्‍थर फेंकने का काम कर सकें। वहीं, सैफी ने कहा था कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे के समय कुछ तो बड़ा करना होगा, ताकि मौजूदा सरकार को झुकने के लिए मजबूर किया जा सके। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपने आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के पीछे गहरी साजिश थी और ताहिर हुसैन की अगुवाई में भीड़ ने उन्हें ही खासतौर पर निशाना बनाया।



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