Supreme Court की शरण में स्वामी रामदेव, एलोपैथी पर दिए बयान के लिए देशभर में हुए FIR पर रोक लगाने की मांग

अपने ऊपर दर्ज FIRs पर रोक लगाने के लिए स्वामी रामदेव अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं
अपडेटेड Jun 23, 2021 पर 22:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

एलोपैथी पर दिए बयान के कारण योग गुरु स्वामी रामदेव (Yoga guru Ramdev) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। देशभर के कई हिस्सों में उनके विवादित बयान पर FIR दर्ज कराई गई है। इन FIRs पर रोक लगाने के लिए स्वामी रामदेव अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। उन्होंने मांग की है कि देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज प्राथमिकी को एकसाथ क्लब करके दिल्ली ट्रांसफर किया जाए।

योग गुरू स्वामी रामदेव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एलोपैथी पर दिए बयान के लिए देशभर में FIR पर रोक लगाने की मांग की है। देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज हुई FIR को देखते हुए उन्होंने कोर्ट से कहा कि उनके खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

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उन्होंने अपनी याचिका में स्वामी रामदेव ने मांग की कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की पटना और रायपुर इकाई द्वारा दर्ज FIR पर उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। दरअसल, पिछले महीने बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस के इलाज में एलोपैथी की क्षमता पर सवाल उठाए थे।

स्वामी रामदेव ने कहा था कि एलोपैथी दवाइयों के कारण लाखों लोग मर रहे हैं। इससे मरने वाले लोगों की संख्या ऑक्सीजन ऑर इलाज के बिना दम तोड़ रहे लोगों से अधिक है। वायरल हुए वीडियो में स्वामी रामदेव ने एलौपैथी को स्टुपिड यानी वकबास करार दिया था।

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स्वामी रामदेव के इस बयान के बाद देशभर के गुस्साये डॉक्टरों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और कई राज्यों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की यूनिट्स ने स्वामी रामदेव के खिलाफ FIR दर्ज करा दी। उनके इस विवादित बयान पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी आपत्ति जताते हुए स्वामी रामदेव को चिट्ठी लिखकर माफी मांगने को कहा था।

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