Afghanistan: चोरी करने पर कटेंगे हाथ, मारे जाएंगे पत्थर, तालिबान का ये खूंखार मंत्रालय फिर हुआ शुरू

तालिबान के अधिकारी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य "इस्लाम की सेवा करना" है
अपडेटेड Sep 15, 2021 पर 14:01  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) की वापसी के साथ ही, उसका वो खूंखार मंत्रालय भी फिर से अपने अस्तित्व में गया है, जो कठोर शरिया कानून को लागू करने के लिए काम करता था। मिनिस्ट्री ऑफ प्रोपेगेशन वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस, नाम का ये मंत्रालय पुरुष साथी के बिना महिलाओं के घर के बाहर जाने पर और संगीत और मनोरंजन पर प्रतिबंध, जैसे नियमों को लागू करता है और उसकी देखरेख करता है।


न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि तालिबान के अधिकारी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य "इस्लाम की सेवा करना" है, जिसके लिए एक पुण्य के प्रचार बुराई की रोकथाम वाले मंत्रालय की जरूरत है।


अफगानिस्तान के "सेंट्रल रीजन" के लिए जिम्मेदार होने का दावा करने वाले मोहम्मद यूसुफ ने अमेरिकी डेली टैब्लॉइड को बताया कि तालिबान शासन उल्लंघन करने वालों को "इस्लामी नियमों" के अनुसार ही दंडित करेगा।


यूसुफ ने समझाया कि अगर कोई हत्यारा है, जिसने जानबूझकर अपराध किया है, उसे मार दिया जाएगा लेकिन "अगर उसने ये जानबूझकर नहीं किया, तो एक निश्चित राशि का भुगतान करने, जैसी एक और सजा भी हो सकती है।"


1996-2001 के अपने पहले के शासन के दौरान, इस मंत्रालय ने अफगानिस्तान की सड़कों पर मोरल पुलिस बनाई और अपराध के आधार पर उल्लंघन करने वालों को कोड़े मारे गए, पत्थर मारे गए और यहां तक ​​कि सार्वजनिक रूप से मार भी डाला गया।


न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान अधिकारी ने कहा कि चोरों के हाथ काट दिए जाएंगे, जबकि "अवैध संभोग" में शामिल लोगों पर पथराव किया जाएगा। हालांकि, पहले पत्थरबाजी ज्यादातर महिलाओं पर होती थी, लेकिन यूसुफ ने दावा किया कि अब "अवैध संभोग" में शामिल पुरुषों और महिलाओं दोनों को एक ही कठोर तरीके से अंजाम दिया जाएगा।


यूसुफ ने आगे कहा कि दोष साबित करने कि लिए उस घटना एक ही घटना के लिए चार गवाहों की भी जरूरत होगी।


न्यूयॉर्क पोस्ट ने यूसुफ के हवाले से कहा, "अगर घटना में थोड़ा सा भी अंतर है, तो कोई सजा नहीं होगी, लेकिन अगर वे सभी चार गवाब एक ही बात, एक ही तरह और एक ही समय कह रहे हैं, तो सजा होगी। सुप्रीम कोर्ट इन सभी मुद्दों पर गौर करेगा। अगर वे दोषी पाए गए, तो हम सजा देंगे।"


उन्होंने आगे कहा, "हम सिर्फ इस्लामी नियमों और कानूनों के साथ एक शांतिपूर्ण देश चाहते हैं। शांति और इस्लामी शासन ही हमारी एकमात्र इच्छा है।"


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