Bihar Elections: तेजस्वी ने जारी किया RJD का घोषणा पत्र, 10 लाख नौकरी और बेरोजगारी भत्ता समेत ये हैं बड़े वादे

सरकारी नौकरियों के 85 फीसदी पद बिहार के युवाओं के लिए आरक्षित होंगे, इसके अलावा RJD ने किसानों का कर्ज माफ करने की भी घोषणा की है
अपडेटेड Oct 25, 2020 पर 15:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Elections 2020) के लिए राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र में RJD ने बिहार के बेरोजगार युवाओं को 10 लाख नौकरी देने का वादा दोहराया है। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया है। सरकारी नौकरियों का फॉर्म भरने के लिए बिहार के युवाओं को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। सरकारी नौकरी में बिहार के युवाओं को तरजीह देने के लिए राज्य सरकार डोमिसाइल पॉलिसी लाएगी और सरकारी नौकरियों के 85 फीसदी पद बिहार के युवाओं के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा RJD ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की है।


बिहार की मुख्य विपक्षी RJD (Rashtriya Janata Dal) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी प्रसाद यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार बनने पर 10 लाख सरकारी नौकरी के साथ ही रोजगार सृजन के लिए नई औद्योगिक नीति बनाई जाएगी। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए रवाना होने से पहले पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा के साथ ही अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रथम प्रतिज्ञा प्रथम प्यार, सुखी समृद्ध सर्वोत्तम बिहार के नाम का घोषणा पत्र जारी किया।


तेजस्वी ने कहा कि यह पार्टी का घोषणा पत्र नहीं, बल्कि RJD का संकल्प है। RJD नेता ने कहा कि बिहार को खुशहाल और समृद्ध बनाएंगे। प्रदेश का हर गांव स्मार्ट बनेगा। उन्होंने कहा कि संविदा व्यवस्था को समाप्त कर सभी कर्मचारियों को स्थाई किया जाएगा और समान काम के बदले समान वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में दो तरह की व्यवस्था नहीं होगी। घोषणापत्र के मुताबिक, गांवों को स्मार्ट बनाया जाएगा और CCTV लगाए जाएंगे। इसके अलावा बुजुर्गों और गरीबों का पेंशन 400 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति महीने किया जाएगा।


तेजस्वी यादव ने बताया कि सरकार बनने पर सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में मातृभाषा के साथ अंग्रेजी और कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य की जाएगी। पिछड़े और दलित छात्रों को इंटरमीडिएट में 80 फीसदी से अधिक अंक लाने पर लैपटॉप दिया जाएगा। इसके अलावा सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण सरकारी इंजीनियरिंग मेडिकल फार्मेसी पॉलिटिकल पारा, मेडिकल कॉलेज के स्थापना उसका विस्तार किया जाएगा। सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था और स्कूली छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन मुफ्त दी जाएगी।


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