Telecom कंपनियों को हर हाल में 31 मार्च तक करना होगा 10 फीसदी AGR Dues का भुगतान

इस वित्त वर्ष के अंत तक टेलीकॉम कंपनियों को AGR Dues के रूप में कम से कम 12,921 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा
अपडेटेड Sep 22, 2020 पर 10:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारती एयरटेल (Bhari Airtel) और वोडाफोन आईडिया (Vodafone Idea) सहित कई टेलीकॉम कंपनियों को भले ही सुप्रीम कोर्ट से एजीआर बकाये (AGR Dues) को चुकाने के लिए 10 साल की मोहलत मिल गई हो, लेकिन उन्हें एजीआर बकाये का 10 फीसदी भुगतान 31 मार्च, 2021 से पहले हर हाल में करना ही होगा। टेलीकॉम विभाग (DoT) के सूत्रों ने बताया कि भले ही किसी कंपनी ने इस साल एजीआर बकाये के कुछ हिस्से का भुगतान किया हो, तब भी उन पर जितना AGR Dues है, उसके 10% का भुगतान 31 मार्च से पहले करना होगा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस वित्त वर्ष के अंत तक इन टेलीकॉम कंपनियों को AGR Dues के रूप में कम से कम 12,921 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा, इसमें में 80 फीसदी राशि का भुगतान भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को करना है। 

टेलीकॉम विभाग (DoT) का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां इस वित्त वर्ष के अंत तक 10 फीसदी एजीआर बकाये का भुगतान करने के लिए बाध्य है। DoT के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले वित्त वर्ष से टेलीकॉम ऑपरेटर्स 10 किस्तों (installments) में AGR Dues का भुगतान कर सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक 31 मार्च तक भारती एयरटेल को 4398 करोड़ रुपये और वोडाफोन आइडिया को 5825 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। आपको बता दें कि वोडाफोन आइडिया पर कुल 58,254 करोड़ रुपये AGR Dues है और Airtel पर यह 43,980 करोड़ रुपये है।

BSNL को 583.5 करोड़ चुकाना होगा

हालांकि, आईडिया वोडाफोन ने अब तक 7,854 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल ने 18,004 करोड़ रुपये का AGR Dues का पेमेंट कर दिया है, लेकिन फिर भी इन दोनों कंपनियों को बकाया राशि का 10% पेमेंट करना होगा। वहीं, BSNL और MTNL ने अब तक किसी भी तरह के AGR Dues का पेमेंट नहीं किया है। BSNL को इस वित्त वर्ष के अंत तक 583.5 करोड़ रुपये और MTN को 435 करोड़ रुपये का पेमेंट करना है। टेलीकॉम विभाग के अधिकारी ने कहा कि इस पेमेंट के लिए DoT किसी भी टेलीकॉम कंपनी को डिमांड नोटिस नहीं भेजेगी, उन्हें खुद से यह पेमेंट करना है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्पष्ट रूप से मालूम है।

Jio पर नहीं है कोई बकाया

टेलीकॉम विभाग के अधिकारी ने कहा कि रिलायंस जियो (Jio) देश की इकलौती कंपनी है जिसपर कोई AGR Dues नहीं है। Jio ने 195.18 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया चुका दिया है। आपको बता दें कि टेलीकॉम कंपनियों पर कुल 1.47 लाख करोड़ रुपये AGR Dues है। इनमें कई कंपनियां दिवालिया हो गई हैं या उस प्रॉसेस से गुजर रही हैं। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस पर 21,139 करोड़ रुपये एजीआर बकाया है। वहीं, एयरसेल () पर 10,229 करोड़ रुपये, एस टेल () पर 55.67 करोड़ रुपये और Etisalat DB पर 31.81 करोड़ रुपये का AGR Dues है।

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