जिनके मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी मिलेगा अनाज

प्रवासी मजदूर जहां भी फंसे हैं उन्हें खाने और रहने की दिक्कत ना हो इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है
अपडेटेड May 15, 2020 पर 09:50  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बताया है कि 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का दूसरा चरण प्रवासी मजदूरों और किसानों और छोटे कारोबारियों के नाम है। इससे पहले उनका फोकस MSMEs पर था।


हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने के साथ ही उन्होंने यह भा साफ कर दिया कि अगर वो आज वह कोई खास चीज नहीं बोल पाती हैं तो सका मतलब यह नहीं है कि सरकार इसे भूल गई है।


सीतारमण ने ऐलान किया कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बैंक के जरिए 86,000 करोड़ रुपए के कुल 63 लाख लोन पास हुए हैं। नाबार्ड, ग्रामीण बैंक और कोऑपेरटिव्स  के जरिए 29,500 रुपए की रीफाइनेंसिंग हुई है।


वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पिछले साल मई के मुकाबले इस साल ज्यादा मजदूर रजिस्टर कर रहे हैं। प्रवासी मजदूर चाहें तो खुद को रजिस्टर कर सकते हैं दिहाड़ी को बढ़ाकर 182 से 202 रुपये कर दिया गया है।


फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, राज्य सरकारें अब आपदा के लिए आवंटित रकम का इस्तेमाल प्रवासी मजदूरों के रहने और खाने-पीने पर कर सकती हैं। हालांकि यह राज्यों के ऊपर है कि वो आपदा फंड का इस्तेमाल कैसे करती हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले जो बेघर गरीब हैं उनके लिए केंद्र व्यवस्था कर रही है। इसके लिए पिछले दो महीनों में 11,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं।


निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूरे देश में 12 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप 3 करोड़ ने मास्क और सैनिटाइजर बनाए हैं। ये सेल्फ हेल्प ग्रुप केंद्र की मदद से ये कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि 15 मार्च से अब तक 7200 नए सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए गए हैं।


निर्मला सीतारमण ने कहा जिन संस्थाओं में 10 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं वहां ESIC (Employees state Insurance Corporation) के कर्मचारियों का बीमा का फायदा दिया जाएगा। अगर कोई मजदूर किसी खतरनाक जगह पर काम कर रहे हैं तो वहां ESIC देना अनिवार्य होगा।


20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के दूसरे चरण का ब्योरा देते हुए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने प्रवासी मजदूरों के लिए तीन खास सपोर्ट का ऐलान किया है।


सभी प्रवासी मजदूरों जिनके पास राशन कार्ड है उन्हें पहले की तरह दो महीने तक गेहूं और चावल मिलता रहेगा। लेकिन जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें 5 किलो चावल और एक किलो चना दिया जाएगा। यह राज्यों की जिम्मेदारी होगी कि वह इसका फायदा मजदूरों तक पहुंचाएं।


वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में एक राशन कार्ड लागू करने की तैयारी में है। फिलहाल किसी भी राज्य का राशन कार्ड किसी दूसरे राज्य में दिखाकर राशन लिया जा सकता है। प्रवासी मजदूरों को दिक्कत ना हो इसलिए यह फैसला लिया गया है।


प्रवासी मजदूरों के रहने की व्यवस्था


फाइनेंस मिनिस्टर  निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाने की तैयारी है। इस योजना के तहत गरीबों को कम किराए पर रहने के लिए घर मिलेगा।


वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा मुद्रा शिशु लोन लेने वालों को 1500 करोड़ रुपए का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि रेहड़ी, पटरी, ठेला वाले लोगों को 5000 हजार करोड़ की सुविधा दी जाएगी। इस दौर में अगर कोई डिजिटल पेमेंट करता है तो उसे सरकार खास इनाम देगी। ठाकुर ने बताया कि इससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा होगा।


क्रेडिट लिंक सब्सिडी बढ़ी


निर्मला सीतारमण ने कहा मिडिल इनकम ग्रुप 6-18 लाख सालाना की कमाई वाले लोगों के लिए 2017 में क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम लाई गई थी। यह स्कीम 31 मार्च 2020 तक थी लेकिन अब इसे मार्च 2021 तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। इससे और 2.5 लाख लोगों को फायदा होगा।


सीतारमण ने कहा कैंपा फंड का इस्तेमाल कर 6000 करोड़ रुपए के रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे आदिवासी और जनजातिय समूहों के लोगों को सीधा पैसा मिलेगा।


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