गाजियाबाद में बुजुर्ग की पिटाई मामले में वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ में शामिल होने को Twitter तैयार

यूपी पुलिस ने ट्विटर के इस जवाब से नाराजगी जताई है और दूसरा नोटिस भी जारी किया है
अपडेटेड Jun 21, 2021 पर 16:54  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने उत्तर प्रदेश पुलिस से कहा है कि उसके मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ के लिए उपलब्ध हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्विटर ने अपने जवाब में ये भी कहा कि पुलिस ने जो नोटिस से भेजा है उसमें बदलाव किया जाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने ट्विटर के इस जवाब से नाराजगी जताई है और दूसरा नोटिस भेजा है।


यूपी पुलिस ने गाजियाबाद में हाल ही में एक मुस्लिम शख्स की पिटाई के मामले में कथित सांप्रदायिक अशांति फैलाने के लिए ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर को कानूनी नोटिस भेजा था। अब ट्विटर ने पुलिस को जवाब भेजा है, जिसमें अधिकारियों ने पुलिस से कहा है कि इस मामले के लिए वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपलब्ध हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी लिखा है कि वो इस मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते हैं।


गाजियाबाद पुलिस ने माहेश्वरी को एक नोटिस भेजकर उन्हें इस महीने की शुरुआत में एक मुस्लिम व्यक्ति पर हुए कथित हमले से संबंधित मामले की जांच में शामिल होने को कहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर को इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए सात दिनों के भीतर यहां लोनी बॉर्डर पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा गया है। इस मामले में माइक्रो ब्लॉगिंग साइट समेत नौ के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।


गाजियाबाद पुलिस ने 15 जून को ट्विटर इंक, ट्विटर कम्यूनिकेशन्स इंडिया, न्यूज वेबसाइट द वायर, पत्रकार मोहम्मद जुबेर, राणा अयूब, लेखिका सबा नकवी के अलावा कांग्रेस नेता सलमान निजामी, मश्कूर उस्मानी और शमा मोहम्मद पर मामला दर्ज किया। उन पर एक वीडियो पोस्ट करने को लेकर मामला दर्ज किया गया जिसमें अब्दुल समद सैफी नाम के बुजुर्ग व्यक्ति ने दावा किया कि पांच जून को गाजियाबाद के लोनी इलाके में कुछ लोगों ने उन्हें पीटा और जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया।


पुलिस ने दावा किया कि सांप्रदायिक अशांति पैदा करने के लिए यह वीडियो शेयर किया गया। पुलिस ने कहा कि यह घटना तावीज से जुड़े एक विवाद का नतीजा थी जो बुजुर्ग व्यक्ति अब्दुल समद सैफी ने कुछ लोगों को बेचा था और उसने मामले में किसी में किसी भी सांप्रदायिक पहलू को खारिज कर दिया। सैफी बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं।


इस वीडियो को लेकर देश भर में लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी थीं। इसमें सैफी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि उन पर कुछ युवकों ने हमला किया और जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया। हालांकि जिला पुलिस ने कहा कि उन्होंने घटना के दो दिन बाद सात जून को दर्ज कराई FIR में ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया।


15 जून को दर्ज FIR में कहा गया है कि गाजियाबाद पुलिस ने घटना के तथ्यों के साथ एक बयान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने अपने ट्विटर हैंडल से यह वीडियो नहीं हटाया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया था कि सैफी पर हमला करने वालों में हिंदू के साथ-साथ मुस्लिम व्यक्ति भी शामिल थे और यह घटना उनके बीच निजी विवाद का नतीजा थी न कि सांप्रदायिक घटना थी।  गाजियाबाद पुलिस ने अभी तक मामले में मुख्य आरोपी परवेश गुज्जर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।


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