Vaccination Drive: Covaxin लेने से पहले भरना होगा सहमति पत्र, देनी होंगी ये सब जानकारी

Covaxin टीका लेने वालों से एक सहमति पत्र पर साइन कराए जाएंगे और इसके आधार पर ही आगे का प्रोसेस पूरा होगा
अपडेटेड Jan 16, 2021 पर 17:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में आज से कोरोनावायरस (Coronavirus) के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम (Vaccination Drive) शुरू हो रहा। पहले दिन अलग-अलग राज्यों में हेल्थकेयर वर्कर्स को ये टीका लगाया जाएगा। इसके लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसके लिए कुल 3006 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। इस बीच भारत बायोटेक की कोवाक्सिन (Covaxin) लगवाने वाले लोगों से एक सहमति पत्र भी भरवाया जा रहा है। हालांकि, SII की कोविशिल्ड (Covishield) वैक्सीन लेने वालों से ऐसा कोई फॉर्म नहीं भरवाया ज रहा है।


टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि दो टीकों के बीच अंतर ये है कि कोवाक्सिन के मामले में टीका लेने वालों से एक सहमति पत्र पर साइन कराए जाएंगे और इसके आधार पर ही आगा का प्रोसेस पूरा होगा, जबकि कोविशिल्ड के मामले में किसी तरह का कोई फॉर्म नहीं लिया जा रहा है।


रिपोर्ट के मुताबिक, इस सहमति फॉर्म में कहा गया है कि लाभार्थियों को वैक्सीन के कारण किसी भी गंभीर साइडइफेक्ट के मामले में सरकारी अस्पतालों में देखभाल प्रदान की जाएगी। वैक्सीन की प्रमाणिकता को लेकर काफी विवाद रहा है। इसलिए सरकार ने वैक्सीन की खरीद के वक्त ही कंपनी से कहा था कि अगर टीके के कारण कोई भी गंभीर परिस्थिति पैदा होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।


वैक्सीन लेने वालों को शुरुआती सात दिनों के अंदर किसी भी तरह के साइडइफेक्ट और लक्षणों के बारे में एक फैक्ट शीट के जरिए पूरी जानकारी देनी होगी। इस फॉर्म में कहा गया है कि वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण में सामने आया है कि वो कोरोनावायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में सक्षम है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि कोवाक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल की स्टडी अभी जारी है।


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