जानिए क्यों, भारत के साथ जारी तनाव के बावजूद चीन जमकर खरीद रहा है इंडिया से स्टील?

पूर्वी लद्दाख में पिछले छह महीनों से जारी तनाव के बावजूद चीन ने भारत से सबसे ज्यादा स्टील खरीदा है
अपडेटेड Oct 29, 2020 पर 11:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत और चीन (India-China Tension) के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले छह महीने से तनाव भरा माहौल बना हुआ है। लेकिन, इन सबके बावजूद चीन भारत से जमकर स्टील खरीद रहा है। कोरोना वायरस महामारी के कारण भारत की अर्थव्यवस्था संकटग्रस्त है, लेकिन स्टील का निर्यात अप्रैल और सितंबर के बीच पिछले साल की तुलना में कई गुना ज्यादा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में भारत के कुल स्टील एक्सपोर्ट्स का 29 फीसदी अकेले चीन ने खरीदा है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।


न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, भारत का स्टील एक्सपोर्ट अप्रैल और सितंबर के बीच पिछले छह साल में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। स्टील एक्सपोर्ट में जबरदस्त उछाल चीन के कारण है। छह महीने के दौरान चीन ने भारत से सबसे ज्यादा स्टील खरीदा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अप्रैल-सितंबर के दौरान भारत के कुल 6.5 मिलियन टन स्टील के एक्सपोर्ट्स का 1.9 मिलियन टन खरीदा है। जबकि चीन ने पिछले वित्त वर्ष की समान छह महीने की अवधि के दौरान भारत से सिर्फ 2,500 टन का आयात किया था। वियतनाम भारतीय स्टील का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है, जिसने 1.6 मिलियन टन की खरीद की है। 


भारत ने जिस स्टील का निर्यात किया है, उसका उपयोग पाइप, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इंजीनियरिंग और सैन्य उपकरण बनाने के लिए किया जाता है। चीन ऐसे समय इतनी भारी संख्या में भारतीय स्टील को खरीद रहा है, जबकि भारत ने कई चीनी प्रोडक्स पर बैन लगा दिया है। इतना ही नहीं भारत ने चीन से आने वाले विदेशी निवेश की जांच भी बड़े स्तर पर बढ़ा दी है। एक तरफ भारत चीन के निवेश को लेकर सतर्कता बरत रहा है, तो दूसरी तरफ चीन इन सबकी उपेक्षा कर भारत से जमकर स्टील खरीद रहा है। भारतीय कारोबारी चीन के इस कदम से काफी खुश भी हैं और हैरान भी।


क्यों भारतीय स्टील को खरीदने को मजबूर है चीन?


न्यूज एजेंसी Reuters को कारोबारियों ने बताया कि स्टील का एक्सपोर्ट बढ़ने का मुख्य कारण कम कीमत है। भारत की स्टील कंपनियों के पास उत्पादन की बड़ी खेप मौजूद थी, क्योंकि कोरोना वायरस के चलते घरेलू मांग में भारी गिरावट आई है। जिसकी वजह से सामान नहीं बिका। लिहाजा इस मौका का फायदा उठाने के लिए भारतीय स्टील कंपनियों ने अपने सरप्लस से छुटाकारा पाने के लिए सस्ते दाम पर स्टील बेचना शुरू कर दिया है। इससे कंपनियों को बड़ा फायदा हुआ है। उनकी बिक्री जमकर बढ़ गई है।


एजेंसी के मुताबिक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने उसे बताया है कि बड़े स्टील निर्माताओं ने प्रति टन 50 डॉलर की छूट दी है। वियतनाम भारतीय स्टील का नियमित खरीदार है, लेकिन चीन के बड़े खरीदार के तौर पर उभार से भारत के पारंपरिक मार्केट इटली और बेल्जियम पीछे छूट गए हैं। यह सबके लिए चौंकाने वाला है। वह भी ऐसा तब हो रहा है जब पिछले महीनों से भारत के साथ चीन के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से काफी खराब हैं।


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