Delhi Oxygen Supply: आप अंधे हो सकते हैं, हम नहीं, हाई कोर्ट की केंद्र को फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने सुझाव दिया, "अगर महाराष्ट्र में ऑक्सीजन और टैंकरों की जरूरत कम हो गई, तो उन्हें दिल्ली भेजा जा सकता है"
अपडेटेड May 04, 2021 पर 16:39  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह ऑक्सीजन के जिन टैंकरों की जरूरत नहीं है, उन्हें दिल्ली में महाराष्ट्र जैसे राज्यों से लाया जाए, जहां कोरोनोवायरस (Coronavirus) की स्थिति में सुधार हो रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, हाई कोर्ट ने एमिकस क्यूरी के एक सुझाव को स्वीकार करते हुए कहा, "अगर महाराष्ट्र में ऑक्सीजन और टैंकरों की जरूरत कम हो गई, तो उन्हें दिल्ली भेजा जा सकता है।"


कोर्ट ने आगे कहा, "ये कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। जब भी जरूरत पड़े, आप उन्हें वापस भेज सकते हैं।" ASG चेतन शर्मा ने हाई कोर्ट की बेंच को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पहले से ही दूसरे राज्यों से दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर को बदलने की संभावना पर विचार कर रही है और ऐसा ही किया जाएगा।


राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन सप्लाई में कमी को लेकर जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की बेंच ने केंद्र पर जमकर तंज कसा। हाई कोर्ट की बेंच ने कहा कि केंद्र को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले जारी निर्देशों के अनुसार, ऑक्सीजन दिल्ली तक पहुंचे।


बेंच ने कहा कि ऐसे न करने से इससे अदालत की अवमानना ​​होगी और शीर्ष अदालत के निर्देश पूरे नहीं होंगे। दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए, वकील राहुल मेहरा ने बताया कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 700MT ऑक्सीजन को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचाने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक केवल 433 मीट्रिक टन ही पहुंचा है। उन्होंने कहा, "लोग मर रहे हैं।"


इस पर केंद्र की तरफ से पक्ष रखते हुए ASG चेतन शर्मा ने जवाब में कहा कि ये "बयानबाजी" हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है।


बेंच ने कहा, "क्या ये केवल एक बयानबाजी है? ये वास्तविकता है। आप अंधे हो सकते हैं, लेकिन हम नहीं हैं। हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते। ये बहुत असंवेदनशील और दुर्भाग्यपूर्ण है। आप ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं?"


अदालत ने केंद्र सरकार से ये भी स्पष्ट करने को कहा कि Covid-19 संकट से निपटने के लिए उसके अधिकार प्राप्त समूह में कितने ऑक्सीजन सप्लायर हैं।


कोर्ट ने कहा, "आप जो भी प्लानिंग कर कर रहे हैं, वो सब भविष्य के लिए हैं, लेकिन हमारी मुख्य चिंता ये सुनिश्चित करना है कि क्या ये संभव सबसे कुशल तरीके से किया जा रहा है। अगर सप्लायर प्रमुख हितधारक हैं, तो उन्हें आवंटन योजना में लाया जाना चाहिए।"


दिल्ली हाई कोर्ट ने सुझाव दिया कि सरकार IIT और IIM के विशेषज्ञों से परामर्श लेकर मदद कर सकती है। बेंच ने कहा, "आपके पास जो भी बेड़ा है, उसे अधिकतम क्षमता पर उपयोग करें।"


अदालत ने केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार के अनुरोध के बारे में भी कहा कि वह भारतीय सेना से फील्ड अस्पताल स्थापित करने के लिए सहायता मांगे। बेंच ने कहा, "यह तेजी से किया जाना है। अनुरोध की प्रकृति ऐसी है।"


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