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Credit और Debit Card से पेमेंट हो जाएगा आसान, इस महीने से हुआ है यह बदलाव

क्रेडिट और डेबिट कार्ड को लेकर यह नया नियम 1 सितंबर, 2019 से लागू हो चुका है
अपडेटेड Sep 04, 2019 पर 09:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

क्रेडिट-डेबिट कार्ड से पेमेंट करना 1 सितंबर, 2019 से ज्यादा आसान हो गया है। Reserve Bank of India ने बैंकों को अब अपने कस्टमर्स को क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए ई-मैंडेट फैसिलिटी देने को कहा है। ये फैसिलिटी छोटे अमाउंट वाले रिकरिंग यानी नियमित तौर पर होने वाले ट्रांजैक्शंस के लिए होगी।


क्रेडिट और डेबिट कार्ड को लेकर यह नया नियम 1 सितंबर, 2019 से लागू हो चुका है। अब तक यह फैसिलिटी बैंक अकाउंट्स के लिए उपलब्ध थी, जिसके तहत अकाउंटहोल्डर अपने अकाउंट से एक निर्धारित अमाउंट हर महीने डेबिट होने की परमिशन दे सकता था।


अब यह ई-मैंडेट सुविधा सभी तरह के- डेबिट, क्रेडिट और प्रीपेड पेमेंट इन्स्ट्रूमेंट (ऑनलाइन वॉलेट्स भी) के लिए उपलब्ध होगी।


RBI के सर्कुलर के मुताबिक, क्रेडिट और डेबिट कार्डहोल्डर किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए बैंक को अपना ई-मैंडेट यानी अपना परमिशन दे देंगे, जिसके बाद तयशुदा वक्त पर निर्धारित अमाउंट अकाउंट से डेबिट हो जाएंगे।


लेकिन ध्यान रखें कि यह सुविधा बस रिकरिंग ट्रांजैक्शन यानी नियमित तौर पर होने वाले ट्रांजैक्शन के लिए उपलब्ध होगी, आप इसे बस एक बार होने वाले किसी ट्रांजैक्शन लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते।


आपको क्या करना है?


अगर आप इस सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको इसके लिए AFA (Additional factor of authentication) के साथ वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। ई-मैंडेट से पहली बार रिकरिंग ट्रांजैक्शन करने पर AFA का वैलिडेशन जरूरी होगी।


ई-मैंडेट से रिकरिंग ट्रांजैक्शन भी उन्हीं कार्ड्स के लिए होंगे, जो रजिस्टर्ड हैं और उनसे ऑथेंटिकेशन के बाद पहला ट्रांजैक्शन हो चुका है।


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