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Credit Card का मिनिमम अमाउंट ड्यू चुकाकर काम खत्म मत समझें, फंस जाएंगे कर्ज के जंजाल में

हमेशा आउटस्टैंडिंग बैलेंस का जितना ज्यादा हो सके उतना अमाउंट चुकाने की कोशिश करनी चाहिए
अपडेटेड Oct 01, 2019 पर 09:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Credit Card रखना जरूरत भी है और शौक भी। डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने से बड़ी संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड की सुविधा का भा लाभ उठाने लगे हैं। क्रेडिट कार्ड सुविधाजनक होने के चलते आज का बड़ा फाइनेंशियल टूल बन गया है। हालांकि, बात जब बिल पेमेंट की आती है तो लोग लापरवाही कर जाते हैं। जहां कुछ लोग आउटस्टैंडिंग अमाउंट का कुछ हिस्सा चुकाते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो मिनिमम अकाउंट ड्यू चुकाकर काम पूरा समझ लेते हैं।


कुछ लोगों की आउटस्टैंडिग बैलेंस न चुकाकर बस मिनिमम अमाउंट चुकाने की आदत बन जाती है। मिनिमम अमाउंट ड्यू आमतौर पर आउटस्टैंडिंग बैलेंस का 5 फीसदी होता है। यूजर को अपना कार्ड एक्टिव रखने के लिए मिनिमम अमाउंट ड्यू चुकाना होता है। अगर आप अपना मिनिमम अमाउंट चुका देते हैं तो आपसे आपका सर्विस प्रोवाइडर लेट पेमेंट चार्ज भी नहीं ले सकता। लेकिन बस मिनिमम अमाउंट चुकाने की आदत आपको बड़े कर्ज में फंसा सकती है।


जानिए, आखिर किन कारणों से आपको पूरा आउटस्टैंडिंग बैलेंस या जितना ज्यादा हो सके उतना अमाउंट चुकाना चाहिए-


क्रेडिट स्कोर


अच्छा क्रेडिट स्कोर रखने के लिए जरूरी है कि आप अपना मिनिमम अमाउंट ड्यू से ज्यादा या आउटस्टैंडिंग बैलेंस जितना हो सके उतना चुकाते रहें। क्रेडिट स्कोर अच्छा होने पर भविष्य में आपको किसी भी तरह का लोन लेने में भी कोई दिक्कत नहीं आती है। आउटस्टैंडिंग बैलेंस चुकाने से आपका अच्छा क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बनता है। अगर आप टाइम से अपना आउटस्टैंडिंग बैलेंस नहीं चुकाते हैं तो बैंक आपको पोटेंशियल डिफॉल्टर के तौर पर देखते हैं और भविष्य में वह आपको लोन इशू करने में कतरा सकते हैं। साथ ही अगर आप अपना बैलैंस चुकाते हैं तो आपका अच्छा क्रेडिट स्कोर बनता है, जिसके चलते आपको बैंक बाद में बड़ा क्रेडिट लिमिट दे सकती है जो आपके लिए फायदेमंद होगा।


कर्ज


अगर आप बस अपना मिनिमम अमाउंट ड्यू चुकाते रहते हैं तो आपके ऊपर काफी कर्ज बढ़ जाता है जो कि क्रेडिट लिमिट से भी ऊपर जा सकता है। इसका मतलब एक तो आपको ज्यादा कर्ज चुकाना है, दूसरा आपका क्रेडिट कार्ड भी बेकार हो गया, साथ ही आपको नेगेटिव क्रेडिट स्कोर मिलते हैं वो अलग।


बढ़ा हुआ इंटरेस्ट


सबसे बड़ी समस्या आपको इंटरेस्ट में आएगी। मिनिमम बैलेंस चुकाकर आपको ये तो लग सकता है कि आपने पैसे बचा लिए लेकिन लंबे वक्त के लिए ये आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। जितना ज्यादा आउटस्टैंडिग बैलेंस इकट्ठा होगा उतना हाई इंटरेस्ट रेट लगेगा। हो सकता है कि आपको अपने अमाउंट का दोगुना या उससे भी ज्यादा रकम चुकानी पड़ जाए।


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