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पिछले हफ्ते इन 5 शेयरों में हुई बड़ी गिरावट, क्या आपके पास हैं ये?

पिछले एक हफ्ते में सेंसेक्स 1149.26 अंक यानी करीब 2.9 पर्सेंट गिरकर 37,673.31 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 337.6 अंक यानी 2.9% 11174.8 पर बंद हुआ
अपडेटेड Oct 07, 2019 पर 09:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बैंकिंग सिस्टम में मुश्किल की वजह से पिछले 1 हफ्ते के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में 3 फ़ीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के बाद बाजार में जो तेजी आई थी PMC बैंक संकट शुरू होने से खत्म हो गई। RBI ने रेपो रेट में लगातार पांचवीं बार 0.25% की कटौती की है। इसके बावजूद बाजार में बिकवाली हुई। ग्लोबल मार्केट की मुश्किलों की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है।


पिछले एक हफ्ते में सेंसेक्स 1149.26 अंक यानी करीब 2.9 पर्सेंट गिरकर 37,673.31 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 337.6 अंक यानी 2.9% 11174.8 पर बंद हुआ । इस दौरान बीएसई मिडकैप इंडेक्स 3. 87% और बीएसई लार्ज कैप इंडेक्स 3.11% गिरकर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 3.92 फ़ीसदी की गिरावट रही। 1 हफ्ते में जिन 5 शेयरों में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया वह ये हैं।


DHFL-26 फीसदी लुढ़का


दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के शेयर पिछले 1 हफ्ते में 26 फ़ीसदी गिरे। इससे पहले खबर आई थी कि HDIL में कंपनी का एक्स्पोज़र है। इस खबर के बाद शेयरों में लगातार गिरावट जारी रही।लकी कंपनी ने बीएसई को दी गई जानकारी में बताया है कि उसका HDIL और पंजाब एंड महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक (PMC) में कोई एक्सपोजर नहीं है। DHFL ने बताया कि 2008 में उसकी प्रमोटर HDIL के प्रमोटर से अलग हो गए थे। परिवारों के बीच अप्रैल 2010 में सेपरेशन एग्रीमेंट औपचारिक तौर पर हो गया था।
27 सितंबर 2019 को DHFL ने अपने सभी इंस्टीट्यूशनल देनदार ओं जैसे बैंक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस म्यूच्यूअल फंड्स इंश्योरेंस कंपनी और दूसरी संस्थागत बॉन्डहोल्डर्स के साथ बैठक करके ड्राफ्ट रेजोल्यूशन प्लान पेश किया था। कंपनी ने अपनी सालाना बैठक में 28 सितंबर को कंपनी के मेमोरेंडम एंड आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन को मंजूरी दे दी थी। इसी के साथ कंपनी के ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल 828 करोड़ रुपए से बढ़कर 1090 करोड रुपए हो गए थे।


लक्ष्मी विलास बैंक-18 फीसदी गिरा

27 सितंबर को एक खबर आई थी कि RBI बैंक के खिलाफ करेक्टिव एक्शन प्लान शुरू कर चुका है। इसके बाद से लक्ष्मी विलास बैंक के शेयरों में लगातार गिरावट बनी हुई है। हालांकि बैंक अपने ग्राहकों को लगातार या भरोसा दिलाता आ रहा है कि उसके सामान्य कामकाज पर कोई पाबंदी नहीं है और वह पहले की तरह चलता रहेगा। बैंक ने बताया कि कॉर्पोरेट और दूसरे हाई रिस्क वाले सेक्टर को छोड़कर बैंक लोन दे सकता है। लक्ष्मी विलास बैंक एक्सटर्नल बेंच मार्क रेट के तौर पर आरबीआई के रेपो रेट को आधार मानते हुए अपने MCLR (मॉडल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ट लेंडिंग रेट)  को रिवाइज कर चुका है। बैंक  1 अक्टूबर से MSME को फ्लोटिंग रेट पर लोन मुहैया करा रहा है। लक्ष्मी विलास बैंक के डायरेक्टर सुप्रिया प्रकाश सेन ने 2 अक्टूबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इकोनामिक ऑफेंस विंग ने बैंक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज दर्ज किया है।लक्ष्मी विलास बैंक पर रिलीगेयर फाइन्वेस्ट ने आरोप लगाया है कि आरएचसी होल्डिंग एंड रैंचम प्राइवेट का बकाया चुकाने के लिए अचूक रकम दी गई थी बैंक ने वह डिपाजिट नहीं किया।


HDIL-18 फीसदी टूटा


पंजाब एंड महाराष्ट्र को ऑपरेटिव (PMC) बैंक के कामकाज पर रोक लगाने के बाद से ही HDIL (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर) के शेयरों में गिरावट बनी हुई है। पीएमसी बैंक जांच में पता चला बैंक ने इस कंपनी को बड़ा लोन दिया है। PMC बैंक के लोन डिफॉल्ट पर कंपनी के एमडी राकेश वधावन और उनके बेटे सारण वधावन को इकोनामिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार कर लिया है। 9 अक्टूबर तक कस्टडी में रहेंगे। इसके साथ ही इकोनामिक ऑफेंस विंग ने कंपनी की 3500 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को जब्त कर ली है।


इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस-37 फीसदी लुढ़का


लक्ष्मी विलास बैंक के साथ इस के विलय से जुड़ी चिंताओं की वजह से पिछले 1 हफ्ते में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में करीब 37 फ़ीसदी की गिरावट आ चुकी है।अप्रैल में कंपनी ने ऐलान किया था कि शेयर स्वैप डील के जरिए इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस का विलय लक्ष्मी विलास बैंक में होगा। हालांकि अब आरबीआई की कार्रवाई की वजह से बैंक के मर्जर प्लान को बड़ा झटका लगा है।इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और लक्ष्मी विलास बैंक के विलय को अभी आरबीआई की मंजूरी नहीं मिली है। इससे पहले 27 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में इंडियाबुल्स फाइनेंस के खिलाफएक जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कंपनी पर फंड के राउंड ट्रिपिंग का आरोप लगाया गया था। हालांकि इसी दिन बीएसई को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि उसने दिल्ली हाईकोर्ट में एक आवेदन दिया है और यह आरोप लगाया है कि प्रशांत भूषण जानबूझकर गलत पीआईएल दायर कर कंपनी का नुकसान करवा रहे हैं।


जी एंटरटेनमेंट-13 फीसदी टूटा


पिछले एक हफ्ते में कंपनी के शेयरों में करीब 13 फ़ीसदी की गिरावट आई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉडर्न स्टैनली ने कंपनी का टारगेट प्राइस 3 फ़ीसदी घटा दिया है जिसकी वजह से इसके शेयरों में गिरावट है। मॉर्गन स्टैनली ने इसकी कर्ज से जुड़ी मुश्किलों को देखते हुए इसका टारगेट प्राइस 370 रुपए से घटाकर 248 रुपए कर दिया है।  कॉरपोरेट गवर्नेंस की मुश्किलों की वजह से पिछले 1 साल में जी एंटरटेनमेंट के शेयरों की वैल्यू करीब आधी हो गई है।


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