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बाजार में उतार-चढ़ाव संभव, इन सेक्टर पर रखें नजर

एंड्र्यू हॉलैंड के मुताबिक आगे चलकर हालात और बिगड़ते हैं तो निफ्टी के 10,000 के भी नीचे जाने की आशंका है।
अपडेटेड May 22, 2018 पर 10:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एवेंडस कैपिटल के सीईओ, एंड्र्यू हॉलैंड का कहना है कि रुपये की कमजोरी और क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भारतीय बाजारों में एफआईआई की ओर से बिकवाली की जा रही है। दरअसल कमजोर रुपये और महंगे क्रूड से आगे कंपनियों के नतीजों पर भी दबाव संभव है, ऐसे में एफआईआई निवेशक थोड़ा सतर्क रुख अपना रहे हैं। महंगे क्रूड और कमजोर रुपये से भारत के वित्तीय घाटे में भी बढ़ोतरी की आशंका है, इस कारण से भी एफआईआई चिंतित हैं। चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर को लेकर मामला सुलझने पर डॉलर में और मजबूती संभव है। लिहाजा आगे 1 डॉलर की कीमत 70 रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।


एंड्र्यू हॉलैंड के मुताबिक आगे चलकर हालात और बिगड़ते हैं तो निफ्टी के 10,000 के भी नीचे जाने की आशंका है। अगले 1 साल के दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिल सकता है। बाजार पर राजनीतिक अस्थिरता के चलते भी दबाव बनने की उम्मीद है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के मुकाबले लार्जकैप शेयरों में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। आगे आईटी, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और एनबीएफसी में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।