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आश्का के साथ अपने पर्सनल फाइनेंस को करें दुरुस्त

प्रकाशित Sat, 23, 2019 पर 15:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं। जानना चाहते हैं कि आपके इरादों का साथ आपकी जेब दे पाएगी या नहीं। अपने पर्सनल फाइनेंस की प्लानिंग खुद आमने सामने बैठ कर करवाना चाहते हैं तो आवाज़ पर मिलिए आश्का से। आश्का को आप एक मशहूर टीवी एक्ट्रेस के तौर पर तो जानते हैं लेकिन पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में भी उन्होंने दर्शकों से एक नया नाता जोड़ लिया है।


गेट रिच विद आश्का में आज आश्का के साथ हैं एक्टर, प्रोड्यूसर, क्रिएटिव हेड संदीप सिकंद। इस बातचीत में संदीप सिकंद ने कहा कि करियर बदलते वक्त बदलाव से आने वाली परेशानी के लिए प्लान बी तैयार रखें। बदलाव से संभावित फाइनेंशियल रिस्क को जांच लें। करियर में आने वाले उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें। फाइनेंशियल रिस्क से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड तैयार कर लें। फाइनेंशियल रिस्क से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड हो तभी करियर बदलने की सोचें।


संदीप सिकंद ने बताया कि अब तक का उनका फाइनेंशियल सफर काफी दिलचस्प रहा है। संदीप सिकंद ने गार्मेंट एक्पोर्टर से क्रिएटिव डायरेक्टर तक का सफर तय किया है। संदीप निवेश को लेकर हमेशा सचेत रहे हैं। मर्डर 2 और राज द मिस्ट्री रिटर्न जैसी फिल्मों में अभिनय किया है। मशहूर धारावाहिक कहानी घर-घर की के क्रिएटिव डायरेक्टर भी रहे हैं। संदीप को छोटी उम्र से ही मां ने पैरों पर खड़े होने की सीख दी। संदीप कड़ी मेहनत को कामयाबी की वजह मानते हैं। संदीप ने महज 16 साल की उम्र में गार्मेंट एक्सपोर्ट का बिजनस शुरू किया। 10 साल बिजनेस के बाद करियर बदलने का फैसला लिया।


संदीप की राय है कि किसी भी बिजनेस में सही कैश मैनेजमेंट जरूरी है। बिजनेस के शुरूआती दौर में खर्च पर नियंत्रण रखें। नए बिजनेस में बचत का ख्याल रखना जरूरी है। कमाए पैसों में से 10 फीसदी बचाने का संदीप का फॉर्मूला है। संदीप का कहना है कि निवेश के लिए लक्ष्य बनाना जरूरी है। एसआईपी निवेश का सरल तरीका है। नौकरी शुरू करते ही एसआईपी शुरू करें, लंबे निवेश से मोटा मुनाफा होगा। एमएफ का चुनाव अपनी रिस्क क्षमता के मुताबिक करें। फाइनेंशियल रिस्क पूरा हिसाब किताब लगाकर ही निवेश करें। करियर में रिस्क लेने से पहले इमरजेंसी फंड बनाएं। नौकरीपेशा के मुकाबले सेल्फ एम्लॉयड व्यक्ति ज्यादा इमरजेंसी फंड रखें।