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आश्का के साथ चलें सही निवेश की राह

प्रकाशित Sat, 13, 2018 पर 15:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं। जानना चाहते हैं कि आपके इरादों का साथ आपकी जेब दे पाएगी या नहीं। अपने पर्सनल फाइनेंस की प्लानिंग खुद आमने सामने बैठ कर करवाना चाहते हैं तो आवाज़ पर मिलिए आश्का से। आश्का को आप एक मशहूर टीवी एक्ट्रेस के तौर पर तो जानते हैं लेकिन पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में भी उन्होंने दर्शकों से एक नया नाता जोड़ लिया है।


गेट रिच विद आश्का में आज आश्का के साथ हैं हैदराबाद के अजय खरा। अजय खरा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अजय अपनी मां के साथ रहते हैं। इनकी आमदनी 115000 रुपये प्रति माह और मासिक खर्च 50-60 हजार रुपये महीना है। अजय हर महीने करीब 50 हजार की बचत कर लेते हैं। अजय घर खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं।


अजय ने इमरजेंसी फंड में 8 लाख रुपये रखे हैं। इमरजेंसी फंड अचानक आए खर्च से निवेश ना गड़बड़ाए इस लिए बनाया जाता है। 3 महीने की आमदनी या 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना चाहिए। आश्का की सलाह है कि अजय जरूरत से ज्यादा इमरजेंसी फंड ना रखें, अच्छे फंड्स में निवेश करें। अजय रखें 2 से 2.5 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड रखें और बचे 6 लाख रुपये इक्विटी फंड्स में लगाएं।


हेल्थ इंश्योरेंस की स्थिति की बात करें तो अजय को कंपनी से 5 लाख का हेल्थ कवर मिला है, मां का कवर नहीं है। आश्का की सलाह है कि अजय के लिए कंपनी के हेल्थ प्लान के अलावा निजी कवर लेना जरूरी है। एक फैमिली फ्लोटर लेने से अजय और उनकी मां कवर्ड रहेंगे।


अजय के पास 76 लाख रुपये का टर्म प्लान, साथ में एक मनी बैक पॉलिसी भी मौजूद है। आश्का की सलाह है कि फाइनेंशियल पोर्टफोलियो में इंश्योरेंस बेहद जरूरी है। लाइफ कवर में सिर्फ टर्म प्लान लें। टर्म प्लान मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए होता है। टर्म प्लान है प्योर इंश्योरेंस है इसमें कवर ज्यादा और प्रीमियम कम होता है।


अजय की फाइनेंशियल सेहत की बात करें तो उन्होंने सुपर इनकम पॉलिसी में निवेश किया है। इसके लिए ये सालाना 67,000 रुपये प्रीमियम चुकाते हैं। अजय को आश्का की सलाह है कि उनको लक्ष्य पाने के लिए इक्विटी निवेश बढ़ाना होगा।


अजय ईएलएसएस में 75,000 रुपये का निवेश करते हैं। अजय 3 एसआईपी (लार्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप) में 5-5 हजार का निवेश करते हैं। ये पीएफ और ईएलएसएस के जरिए डेट में निवेश करते हैं। अश्का की सलाह है कि अजय जब तक हो सके ईएमआई भरने के बजाए एसआईपी करें, अच्छी रकम जमा कर घर लें। लक्ष्य बनाते वक्त समय-सीमा और बजट तय करें। किसी भी लक्ष्य को तय करते वक्त महंगाई दर जोड़ना ना भूलें। लक्ष्य तय करें और उन लक्ष्यों के मुताबिक निवेश करें।