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आश्का गोराड़िया से पाएं फाइनेंशियल परेशानियों का हल

प्रकाशित Wed, 30, 2018 पर 13:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं। जानना चाहते हैं कि आपके इरादों का साथ आपकी जेब दे पाएगी या नहीं। अपने पर्सनल फाइनेंस की प्लानिंग खुद आमने सामने बैठ कर करवाना चाहते हैं तो सीएनबीसी-आवाज़ पर मिलिए आश्का गोराड़िया से। आश्का को आप एक मशहूर टीवी एक्ट्रेस के तौर पर तो जानते हैं लेकिन पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में भी उन्होंने दर्शकों से एक नया नाता जोड़ लिया है।


गेट रिच विद आश्का में आज आश्का के साथ हैं पुणे के जगदीश होले। जगदीश होले के परिवार में पत्नी, 11 साल की बेटी और 4 साल का बेटा है। जगदीश को टैक्स काटकर 57 हजार रुपये महीने मिलते हैं। इनका महीने का खर्च कुल 24 हजार रुपया है। ये हर महीने 31 हजार रुपये का निवेश करते हैं। इनके पास कंपनी का 3 लाख और खुद का 5 लाख का हेल्थ प्लान है। इनका पूरा परिवार इंश्योर्ड है।


जगदीश ने एचडीएफसी बैलेंस्ड फंड में 1 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड रखा है। जगदीश ने 25 लाख का टर्म प्लानले रखा है, ये एसआईसी की 2 मनी बैक पॉलिसी का हर तिमाही 2200 रुपये प्रीमियम देते हैं। जगदीश बेटी की शादी के लिए 10 साल बाद 25 लाख रुपये का, बेटी की पढ़ाई के लिए 5 साल बाद 5 लाख रुपये का, मकान के लिए 3 साल बाद 30 लाख रुपये का और बेटे की पढ़ाई के लिए 15 साल बाद 10 लाख रुपये का फंड जुटाना चाहते हैं।


जगदीश एलआईसी पॉलिसीज में 3 हजार रुपये महीना माह, एनपीएस में 4 हजार रुपये महीना और पीपीएफ 2 हजार रुपये महीन, सुकन्या समृद्धि में 4 हजार रुपये महीना, एचडीएफसी इनकम प्लान में 1 लाख रुपये सालाना निवेश करते हैं। इसके अलावा इन्होंनें एचडीएफसी सिलेक्ट फोकस फंड (ग्रोथ) में 5 हजार, एचडीएफसी इक्विटी फंड (ग्रोथ) में 5 हजार रुपये, रिलायंस लार्ज कैप फंड (ग्रोथ) में 5 हजार और एसबीआई ब्लू चिप फंड (ग्रोथ) में 5 हजार रुपये का निवेश का एकमुश्त निवेश कर रखा है।


आश्का की जगदीश को सलाह है कि वे इमरजेंसी फंड को किसी लिक्विड फंड में रखें जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकालना आसान होगा। जगदीश का लगभग पूरा निवेश डेट में है इक्विटी में निवेश कम है। आश्का की सलाह है कि जगदीश 10 साल में 25 लाख के लिए एमएफ (इक्विटी) में 10 हजार रुपये महीने की एसआईपी करें। 5 साल में 5 लाख के लिए 6 हजार रुपये माह की एसआईपी करें। 3 साल में घर के लिए अलग से एसआईपी करें। 45 साल की उम्र में लोन सोच-समझकर लें। ईएमआई के खर्च से निवेश पर असर पड़ेगा।