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इंश्योरेंस में निवेश है घाटे का सौदा? जानिये एक्सपर्ट की राय

प्रकाशित Thu, 16, 2019 पर 13:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

भारत में निवेश को ज्यादातर इंश्योरेंस पॉलिसी के रूप में ही देखा जाता है। लेकिन अब समय आ गया है के आप इस बात का संज्ञान ले लें कि निवेश और इंश्योरेंस अलग-अलग है। इंश्योरेंस को आप रिस्क कवर के तौर पर लें और निवेश को रिटर्न कमाने के लिए। योर मनी आज हम इसी पर विस्तार से बात करेंगें, जिसमें आपको बताएंगें की कहीं आपसे इंश्योरेंस में निवेश की गलती तो नही हो रही। इस विषय पर आपके सभी सवालों के जवाब देने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ हैं ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मठपाल।


सवालः मेरी उम्र 45 साल है। मुझे HDFC सेविंग्स इंश्योरेंस प्लान पर सलाह चाहिए। मैंने अगस्त 2009 में निवेश शुरू किया था। पॉलिसी इस साल मैच्योर हो रही है। इसमें मैं 1 लाख का सालाना प्रीमियम भरता हूं। अब पॉलिसी की कुल वैल्यू कैसे पता करूं।


पंकज मठपाल की सलाहः HDFC लाइफ सेविंग एश्योरेंस प्लान एंडॉमेंट प्लान है। पारंपरिक एंडॉमेंट प्लान होने से निवेश में पारदर्शिता की कमी होती है। खर्च और निवेश की पारदर्शिता नहीं होती है। आपको कंपनी के प्रदर्शन के मुताबिक बोनस मिलता है। प्लान के रिटर्न कम है।


आप मैच्योरिटी वैल्यू कंपनी से पूछ सकते हैं। आपको सलाह है कि ऐसी पॉलिसियों से बचें और इनमें निवेश ना करें। परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए टर्म प्लान खरीदें। जबकि कॉर्पस जुटाने के लिए बाकी निवेश विकल्प चुनें।